प्रभु के जन्म की खुशी में झूमे श्रावक

दादाबाड़ी में हुआ भगवान का जन्म कल्याणक, महिलाओं ने मनाया मेहंदी उत्सव
ब्यावर,15 जनवरी। शहर की जैन दादाबाड़ी में आयोजित भगवान संभवनाथ के अंजनशलाका महोत्सव में मंगलवार को प्रभु का जन्म कल्याणक हुआ। प्रभु के अवतार की खुशी में श्रावक जयघोष लगाते हुए भजनों पर झूम उठे।
संयोजक सुरेश कांकरिया ने बताया कि गणाधीश पंन्यासप्रवर विनयकुशलमुनि महाराज की निश्रा में भगवान का पंच कल्याणक महोत्सव मनाया जा रहा है। मंगलवार सुबह जन्म कल्याणक हुआ। जिसमें छप्पन दिक्ककुमारी द्वारा मोरपंखी, चंवर, अष्टमंगल, दर्पण, दीपक, रक्षा पोटली लेकर जन्म प्रसंग का मंचन किया गया। भगवान का जन्म इंद्रलोक में मनाया गया। यहां इंद्र महाराजा का सिंहासन कम्पायमान हुआ। हिरणगमेशी देव द्वारा समझाने पर इंद्र महाराज शांत नहीं हुए। अपने तीन ज्ञान से संभवनाथ भगवान के जन्म का मालूम पड़ते ही खुश हो उठे। तब देव द्वारा घंटकोश बजाकर चौसठ इंद्र द्वारा भगवान की माता को आधी नींद में सुलाकर भगवान को मेरु पर्वत पर ले जाकर ढाई सौ अभिषेक किए गए। इंद्र महाराजा द्वारा बत्तीस हजार करोड़ की स्वर्ण मुद्राएं प्रजा में बांटने का नाटक मंचन किया गया। कार्यक्रम में पारस मेड़तवाल, चंदू श्रीश्रीमाल, रमेश बोहरा, विपुल मेड़तवाल, अनु जैन, सुनीता चौपड़ा, श्वेता बरड़िया, शोभंता मेहता, मनीषा श्रीश्रीमाल, सुमन भंडारी, लीला मूथा, सुनीता कांकरिया सहित बड़ी संख्या में श्रावक शामिल हुए।
महिलाओं में मनाया मेहंदी उत्सव
कुशल महिला मंडल की ओर से श्रावस्त्थी नगरी में मेहंदी उत्सव मनाया गया। इसमें महिलाओं ने मंगल गीत गाते हुए हाथों पर हिना रचाई। साथ ही मेहंदी राचण लागी हाथां में प्रभु के नाम की.., आओ म्हारी शासन माता आज.., मेहंदी रंग लाई.. जैसे गीतों पर प्रस्तुति दी। मीनू व आकांक्षा ने लक्ष्मी व सरस्वती संवाद में शिक्षा का महत्व बताया। वहीं मिताली व गौरी छाजेड़ ने साथियों के साथ नाटिका मंचन में बताया कि जैन धर्म अपनाकर स्वस्थ कैसे रहा जाए। आकांक्षा चौपड़ा, आरजू कांकरिया व शिल्पा जैन ने भावपूर्ण नृत्य प्रस्तुति दी। महिला मंडल ने सखी प्रतिष्ठा में चालां.. गीत के माध्यम से भक्ति संदेश दिया।
कीर्तन की है रात दादा..
दादाबाड़ी में भव्य भक्ति संध्या आयोजित की गई। इसमें हैदराबाद से आए मास्टर संयम नाबेड़ा ने सुमधुर भजनों की प्रस्तुति दी। दादा का दरबार सुहाना लगता है.., कीर्तन की है रात दादा.., आई आई रे अंजनशलाका.. जैसे भजन गाए तो श्रोता झूम उठे। तू कितनी अच्छी है मां.. भजन पर सभी श्रोता भावुक हो गए।
आज के कार्यक्रम
बुधवार को प्रात: 9 बजे कल्याणक महोत्सव में प्रियवंदना दासी द्वारा परमात्मा के जन्म की बधाई का उदघोष,भुआ-भुरोसा द्वारा परमात्मा का नामकरण,परमात्मा का पाठशाला गमन,मामेरा लग्न, नौ लोकांतिक देवों द्वारा परमात्मा को दीक्षा की विनती का सजीव मंचन किया जाएगा। दोपहर 2 बजे रत्नत्रयी पूजन, 4 बजे गांव सांझी, सायं 6 बजे भाव भक्ति व सायं 7.30 बजे कुमारपाल राजा द्वारा 108 दीपकों से भगवान की महाआरती की जाएगी। 8 बजे से दादा गुरुदेव के चमत्कारों पर आधारित नाटक ‘अमावस को चांद उग आया’ का मंचन मुंबई से आई निर्देशक प्रेमदेवी ललवानी के निर्देशन में होगा।

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