आशाओं व साथिनों ने बजट में मानदेय नही बढाने पर किया रूबेला का बहिष्कार

– उपखंड अधिकारी को मुख्यमंत्री गहोलत के नाम सौंपा ज्ञापन
– मांग नही माने पर प्रदेश स्तरीय आंदोलन की चेतावनी

22 जुलाई, सोमवार। राज्य सरकार द्वारा आशा सहयोगिनियों तथा साथिनों का मानदेय नही बढाने पर खसरा एवं रूबेला टिकाकरण अभियान 2019 का बहिष्कार कर मानदेय बढाने की मांग करने के साथ ही विभिन्न विभागीय मांगे भी पूरी करने को लेकर ब्यावर उपखंड अधिकारी को मुख्यमंत्री गहोलत के नाम से ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया कि राज्य सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग तथा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न कार्योें में आशा सहयोगिनी तथा साथिन की महत्वपूर्ण भूमिका है। लेकिन, लम्बे समय से वे अल्प मानदेय पर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री पर आरोप है कि उन्होने चुनावी घोषणों में मानदेय बढाने की बात कही थी, लेकिन हाल ही में पेश हुए राज्य बजट 2019-20 में आशा व साथिन का मानदेय नही बढाया गया है। जबकि आंगनबाडी कार्यकर्ता व सहायिका का मानदेय बढाकर हमारे साथ सौतेला व्यवहार किया गया है। इसलिए हम राज्य सरकार के महत्वकांक्षी अभियान जो 22 जुलाई 2019 से शुरू होने वाले खसरा एवं रूबेला टिकाकरण अभियान 2019 का बहिष्कार कर असहयोग प्रदान करेगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी माननीय मुख्यमंत्री महोदय जी की होगी। हम महिला एवं बाल विकास विभाग तथा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के दोनों विभागों में अल्प मानदेय जो कि मनरेगा श्रमिक की तय न्यूनतम मजदूरी से भी कम पर कार्य कर रही है। अतः माननीय मुख्यमंत्री महोदय जी हमारा मानदेय बढाया जाए। इसमें हमारी प्रमुख मांगे इस प्रकार है कि आशा सहयोगिनी व साथिन को राज्य कर्मचारी घोषित करने, मानदेय बढाकर कम से कम 18 हजार रूपएं मासिक करने, सभी सरकारी लाभ देने, कार्य का समय निर्धारित करने, साथिनों को राजीव गांधी सेवा केन्द्र में स्थायी कार्यालय देकर वहीं उपस्थिति दर्ज कराने, ड्रेस की ऐवज में अलग से राशि देने, एएनएम, एनटीटी व सुपरवाइजर तथा प्रचेता की भर्ती में आशा सहयोगिनी व साथिन का कोटा रखने, साथिनों को ग्रीष्मकालीन व शीतकालीन अवकाश देने, सभी कार्मिकों को राजकार्य का यात्रा भत्ता भुगतान व ग्राम साथिनों का जाजम बैठक भुगतान करने, आशाओं को स्टेशनरी भुगतान दिलाने, क्लेम फॉर्म में निर्धारित राशि का नियमानुसार भुगतान दिलाने तथा आशा को एक ही विभाग से संबंधित रखने की मांग को पूरा किया जाए। अन्यथा हम उग्र आंदोलन करेगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी आपकी होगी। उन्होने इस आशय की जानकारी राज्य प्रमुख शासन सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा, सीएमएचओ अजमेर, पीएमओ एकेएच ब्यावर, बीसीएमओ जवाजा के साथ-साथ समस्त चिकित्साधिकारी सीएससी व पीएससी को देना बताया है। इस दौरान निलम चौहान राजियावास, उमा रावत कालिंजर, हेमलता रावत, कंचन सेन, ज्लवंता चौहान, मंजू सिंघारिया, रामकन्या, सुगना देवी, आशा प्रजापति, सुनिता शर्मा, संजू शर्मा, गंगा देवी, खुश्बू योगी आदि मौजूद थी।

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