श्री वर्द्धमान शिक्षण समिति द्वारा संचालित श्री वर्द्धमान कन्या पी.जी. महाविद्यालय में राजनीति विज्ञान विभाग एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के तत्वावधान में संविधान निर्माण के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में संविधान दिवस के अवसर पर ‘‘प्रदर्शनी-संविधान के आदर्शों की खोज’’ व विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया ।
महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. आर. सी. लोढ़ा ने बताया कि हमारा संविधान विश्व का सबसे बड़ा संविधान ही नही, विश्व के लोकतांत्रिक इतिहास का अद्वितीय दस्तावेज है। हमारे संविधान का प्रत्यके अनुच्छेद हर नागरिक के अधिकारों की गारंटी है और कर्तव्य का पवित्र स्मरण है।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डॉ. कला जैन सहायक आचार्य सनातन धर्म राजकीय महाविद्यालय ने छात्राओं को संविधान का महत्व समझ्ााते हुए कहा कि संविधान केवल एक दस्तावेज नहीं बल्कि यह हमारे विश्वास एवं संकल्प का प्रतीक है, हमारा संविधान हमारा संकल्प है । विविधताओं से परिपूर्ण और तेजी से बदलते आंतरिक और वैश्विक परिवेश में भारत का संविधान निरन्तर समृद्ध एवं सशक्त होता रहा है ।
राजनीति विज्ञान व्याख्याता श्रीमती राज कुमारी कुमावत ने बताया कि हमारा संविधान हमें समानता, न्याय और स्वतन्त्रता के मार्ग पर अग्रसर होने के लिए प्रेरित करता है ।
इसी क्रम में एन.एस.एस. अधिकारी प्रीति शर्मा व कोमल गुप्ता द्वारा निबन्ध व प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया व छात्राओं को प्रमाण पत्र वितरित किये गये।
अकादमिक प्रभारी डॉ. नीलम लोढ़ा द्वारा सभी व्याख्याताओ, कर्मचारियो एवं छात्राओं संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक पठन करवाया गया । कार्यक्रम का संचालन राजनीति विज्ञान व्याख्याता लवीना ज्ञानचंदानी ने किया ।
प्राचार्य
श्री वर्द्धमान पी. जी. कन्या महाविद्यालय, ब्यावर
