अजमेर, 30 अगस्त, परम श्रद्धेय स्वामी हिरदाराम साहिब जी के आशीर्वाद से स्वामी दांदूराम साहिब ट्रस्ट, अजमेर द्वारा फ्री एनडीएस सेमीनार का आयोजन जतोई दरबार, नगीना बाग, अजमेर में किया गया। वक्ता श्रीमती धरतीबेन ठक्कर अहमदाबाद द्वारा नेचुरल डाइट सिस्टम के बारे में बताते हुए कहा कि प्राकृतिक जीवन शैली द्वारा बिना दवाईयों के स्वस्थ जीवन जीने की कला बताई, वहीं उपवास करके शरीर में संतुलन बनाया जा सकता है, एनिमा को भी नित्य जीवन में उपयोग करने के बारे में जानकारी दी।
धरती बेन ने कहां कि कोई भी रोग ऐसा नहीं है, जो समाप्त नहीं हो सकता, अपने जीवन में गेहूं, दूध, मैदा का उपयोग ना करने व प्रकृति द्वारा उत्पादित खान-पान जैसे फल-फ्रूट, ताजा सब्जीयों को बिना पकाई या ज्यूस बनाकर उपयोग करना चाहिए। उन्होने मोबाइल व इलेक्ट्रोनिक का भी उपयोग नहीं कर उपवास करना चाहिए। भगवान शिव ने ब्रह्माण्ड की रचना के समय तीन बार नहाने व एक बार खाने की पद्धति को उपयोग करने के लिए संदेश दिया था। हमें सूर्यास्त से पूर्व एक बार भोजन करना चाहिए। इक्कीस दिन नैचुरल डाइट सिस्टम को अपनाने से आपके जीवन शैली में बदलाव आ सकता है, वह आज के समय प्रत्येक घर में दवाई का उपयोग किया जा रहा है, उससे मुक्ति मिल सकती है। पूर्व के समय में व्यक्ति अपने परिश्रम से खेती बाड़ी कर अनाज उगाता था व पशु पालकर उसके शुद्ध दूध को उपयोग करते था, परन्तु आज के व्यक्ति ने अपने जीवन शैली बदल ली है। वह व्यक्ति कम्प्यूटर में रह कर बगैर मेहनत किए भोजन कर रहा है, जिससे रोग बढ़ रहे है, प्राकृतिक भोजन के बदलाव रोगों की समाप्ति होना निश्चित है।
मंच संचालन महेन्द्र कुमार तीर्थाणी व कार्यक्रम की जानकारी संत दादूराम योग प्राकृतिक चिकित्सा केन्द्र की डॉ. वर्षा दरयानी (थारवानी) ने किया। आभार राहुल थारवानी ने प्रकट किया।
कार्यक्रम के प्रारंभ में ईश्वर मनोहर उदासीन आश्रम के महंत स्वरूपदास, जताई दरबार के भाई फतनदास, सिन्धी समाज महासमिति के कंवल प्रकाश किशनानी, भारतीय सिन्धुसभा के मोहन तुल्सयाणी, प्रकाश जेठरा, सिन्धी लेडिज क्लब की दिशा किशनानी ने धरतीबेन का सिन्धुपति महाराजा दाहरसेन की प्रतिमा, शॉल व माला भेंट की गई। सेमीनार में 125 लोगों ने भाग लिया। वहीं लोगों द्वारा अपनी जिज्ञासा के बारें में धरतीबेन से विस्तृत जानकारी ली।
महेन्द्र कुमार तीर्थाणी
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