तीये की बैठक’ कर दी श्रद्धांजलि
अजमेर 15 अप्रैल- शहर के वार्ड नंबर 41 स्थित जॉन्सगंज क्षेत्र में सड़क की खस्ता हालत को लेकर क्षेत्रवासियों ने एक बार फिर अनोखे तरीके से विरोध प्रदर्शन किया।
रंजन शर्मा (एडवोकेट) के नेतृत्व में आज सीवरेज के अधिकारियों ठेकेदार और कर्मचारियों की लगातार लापरवाही के कारण सड़क की ‘तीये की बैठक’ आयोजित कर सड़क को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
हरजीत सिंह मंकू भवानी शंकर जी राम अवतार जी वह अन्य क्षेत्र वासियों ने बताया कि पूर्व में भी सांकेतिक धरना प्रदर्शन कर अधिकारी ठेकेदार और इंजीनियर को मौके पर बुलाया गया था जिन्होंने मीडिया के समक्ष स्पष्ट रूप से कहा था कि मुख्य मार्ग 26 मार्च 2026 तक बन जाएगा परंतु अभी तक किसी भी प्रकार की उन्होंने कोई भी शुद्ध नहीं ली है और मुख्य मार्ग के कारण लगातार आम जनता पूरी तरह से परेशान और त्रस्त है सड़क के खस्ता हाल के कारण लगातार माता बहनों बुजुर्ग सभी दुर्घटनाओं के शिकार हो रहे हैं धूल मिट्टी के कारण सांस की बीमारी दुर्घटनाओं से स्लिप डिस्क गाड़ियों का आर्थिक नुकसान किसी के फ्रैक्चर होना किसी के लगना आदि दुर्घटनाएं होना आम बात हो चुकी हैं
क्षेत्रवासियों का कहना है कि सीवरेज कार्य के बाद से सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। जगह-जगह गड्ढे, उखड़ी हुई सतह और उड़ती धूल ने आमजन का जीवन मुश्किल बना दिया है। लोगों का आरोप है कि लंबे समय से शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया गया, जिससे स्थानीय निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इससे पूर्व भी वर्तमान पार्षद नीतू मिश्रा द्वारा कई बार अलग-अलग तरीकों से विरोध प्रदर्शन किया जा चुका है। वे सड़क के गड्ढों में बैठकर धरना दे चुके हैं, पैदल पदयात्रा निकाल चुके हैं, बारिश के दौरान सड़क पर बैठकर विरोध जता चुके हैं तथा गड्ढों में लाल झंडे लगाकर भी प्रदर्शन कर चुके हैं। लगातार अनोखे तरीकों से विरोध के बावजूद अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है।
विरोध के इस अनोखे तरीके में क्षेत्रवासियों ने शांतिपूर्वक ‘तीये की बैठक’ कर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया। लोगों ने प्रतीकात्मक रूप से सड़क को श्रद्धांजलि देते हुए अपनी नाराजगी जताई।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वार्ड 41 की लगातार अनदेखी की जा रही है। उनका कहना है कि अपने हक और अधिकारों के लिए अब आम जनता पूरी तरह से सड़क पर उतरने को तैयार बैठी है और प्रशासन को भी समझना पड़ेगा कि यदि उग्र आंदोलन होता है तो उसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की रहेगी क्योंकि कई बार के प्रार्थना पत्रों के बावजूद कई बार के प्रदर्शनों के बावजूद भी कोई भी अधिकारी ठेकेदार इंजीनियर के द्वारा सही व नियम अनुसार कार्य नहीं किया जा रहा है यदि आगे उग्र आंदोलन होता है तो उसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द सड़क का पुनर्निर्माण कराया जाए, ताकि क्षेत्रवासियों को राहत मिल सके।
इस दौरान हरजीत सिंह मंकू, ओमप्रकाश सेन, पांचूलाल चौहान, रघुवीर सिंह, सुशील मिश्रा, सुभाष, कैलाश, रणवीर, विजय प्रकाश, ममता, सुनीता, गौतम, मंजू, संगीता, एपी भैया, जसविंदर, महेंद्र भैया, हरिओम, सीताराम, कृष्ण कुमार, नितेश, दीपक, रामावतार, लाल बहादुर, विनोद सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
रंजन शर्मा
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