सफलता की कहानी-1
आकोडिया शिविर में भरत सिंह और बसराम बैरवा को मिला मकान का पट्टा
राजस्थान सरकार द्वारा सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को उनके ही गाँव में स्थायी अधिकार और राहत देने के उद्देश्य से आयोजित किए जा रहे जन कल्याण शिविर के अन्तर्गत ग्रामीण सेवा शिविर कैम्प-2026 ग्रामीणों के लिए वरदान साबित हो रहे हैं। ऎसा ही एक सुखद और राहत भरा मामला जिले की अरांई तहसील के अंतर्गत अटल सेवा केन्द्र, ग्राम पंचायत आकोडिया में आयोजित शिविर में देखने को मिला, जहाँ वर्षों से अपने ही घर के मालिकाना हक के लिए परेशान हो रहे ग्रामीणों को मौके पर ही पट्टा प्रदान किया गया।
ग्राम आकोडिया निवासी श्री भरत सिंह (पुत्र श्री लक्ष्मण सिंह) तथा श्री बसराम बैरवा (पुत्र श्री छितर) अपने-अपने मकानों में पिछले 20 से 30 वर्षों से निवास कर रहे थे। इतने लंबे समय से रहने के बावजूद उनके पास अपने मकान का कोई वैधानिक भू-स्वामित्व सम्बंधी दस्तावेज (आवासीय पट्टा) उपलब्ध नहीं था। पट्टा न होने के कारण उन्हें भविष्य के निर्माण कार्य, बैंक से लोन लेने तथा अन्य प्रशासनिक कार्यों में भारी समस्याओं और अड़चनों का सामना करना पड़ रहा था।
ग्राम पंचायत आकोडिया में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर के दौरान दोनों प्रार्थियों ने पंचायतीराज विभाग के काउंटर पर आवासीय पट्टे के लिए अपना आवेदन प्रस्तुत किया।
शिविर में मौजूद अधिकारियों ने मामले की संजीदगी को देखते हुए तुरंत आवेदनों का परीक्षण करवाया और सभी आवश्यक प्रक्रियाएं मौके पर ही पूर्ण करते हुए प्रार्थियों के नाम से विधिवत आवासीय पट्टे जारी कर दिए। शिविर स्थल पर ही उपखण्ड अधिकारी श्रीमती नीतू मीना, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं विकास अधिकारी श्री शिवदान सिंह तथा तहसीलदार श्रीमती नेहा कंवर की गरिमामयी उपस्थिति में उन्हें उनके मकानों के पट्टे ससम्मान सौंपे गए।
बरसों पुराना सपना साकार होने और हाथोंहाथ भू-स्वामित्व का पट्टा मिलने से दोनों लाभार्थियों के चेहरे खुशी से खिल उठे। उन्होंने बताया कि अब पट्टा मिल जाने से उन्हें बैंक से लोन प्राप्त करने में आसानी होगी और उनके घर का मालिकाना हक पूरी तरह सुरक्षित हो गया है। प्रार्थियों ने इस पारदर्शी, त्वरित और संवेदनशील व्यवस्था के लिए माननीय मुख्यमंत्री महोदय, शिविर प्रभारी, पंचायतीराज विभाग तथा स्थानीय प्रशासन का हृदय से आभार प्रकट किया है।
शिविर के दौरान सहायक विकास अधिकारी श्री संजय तोषनीवाल, ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी, प्रशासक श्रीमती मीरा देवी, ग्राम विकास अधिकारी, पटवारी, गिरदावर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
सफलता की कहानी-2
शेरगढ़ शिविर में बालू खटीक को मिला निवास स्थान का पट्टा
घर का मालिकाना हक मिलने से चेहरे पर आई मुस्कान
राजस्थान सरकार द्वारा सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के निवासियों को उनकी ही चौखट पर स्थायी अधिकार और राहत देने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ग्रामीण सेवा शिविर-2026 आमजन के लिए खुशियों का जरिया बन रहे हैं। ऎसा ही एक सुखद और राहत भरा मामला जिले की सरवाड़ पंचायत समिति के अंतर्गत ग्राम पंचायत शेरगढ़ में आयोजित शिविर में देखने को मिला, जहाँ वर्षों से बिना किसी वैधानिक दस्तावेज के रह रहे परिवार को उनके मकान का पट्टा सौंपकर भू-स्वामित्व प्रदान किया गया।
ग्राम शेरगढ़ निवासी प्रार्थी बालू (पिता श्री रामरतन खटीक) का परिवार लंबे समय से अपने मकान में निवास कर रहा था। पूर्व में कोई आधिकारिक आवासीय पट्टा जारी न होने के कारण परिवार के पास अपने ही निवास स्थान का वैधानिक मालिकाना हक मौजूद नहीं था। पट्टे के अभाव में उन्हें अपने ही घर के अधिकारों को लेकर हमेशा चिंता बनी रहती थी।
ग्राम पंचायत शेरगढ़ परिसर में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर के दौरान प्रार्थी ने पंचायतीराज विभाग के स्टॉल पर जाकर अपने मकान के आवासीय पट्टे हेतु आवेदन प्रस्तुत किया। मामले को प्राथमिकता देते हुए ग्राम पंचायत एवं विभागीय अधिकारियों द्वारा त्वरित कार्रवाई की गई। मौके पर ही कागजात की सघन जांच कर सभी प्रक्रियाएं पूरी की गईं और विधिवत पट्टा तैयार किया गया।
इसके पश्चात शिविर स्थल पर ही शिविर प्रभारी श्री गजेंद्र शर्मा की गरिमामयी उपस्थिति में विकास अधिकारी श्री सोनराज मीणा, प्रशासक श्रीमती रितू जैन एवं ग्राम विकास अधिकारी श्री रामजीलाल चौधरी द्वारा प्रार्थी को उनके निवास स्थान का आधिकारिक पट्टा ससम्मान सौंपा गया।
हाथोंहाथ अपने ही घर का पट्टा और कानूनी मालिकाना हक मिलने से प्रार्थी और उनका पूरा परिवार बेहद खुश नजर आया। प्रार्थी ने अपनी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि पट्टा मिल जाने से अब उन्हें किसी प्रकार की कोई प्रशासनिक या कानूनी परेशानी नहीं रही है और उनके सिर पर छत का अधिकार पूरी तरह सुरक्षित हो गया है।
उन्होंने इस त्वरित, पारदर्शी और संवेदनशीलता से भरी व्यवस्था के लिए राज्य सरकार, शिविर प्रभारी, विकास अधिकारी, प्रशासक तथा शिविर में उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों का सहृदय आभार व्यक्त किया है।