राष्ट्रिय खेल दिवस-2026 : खेलों से बनेगा स्वस्थ, सशक्त और विकसित भारत—कुलगुरु प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल

अजमेर, 21 अगस्त 2026। महार्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर में राष्ट्रीय खेल दिवस-2026 के अवसर पर “खेलेगा भारत, जीतेगा भारत” की थीम पर खेल, फिटनेस एवं जागरूकता गतिविधियों की श्रृंखला का शुभारम्भ किया गया। विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता छात्र कल्याण एवं स्पोर्ट्स बोर्ड के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में कुलगुरु प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल ने कहा कि आज देश को केवल डिजिटल इंडिया तक सीमित नहीं रहना है, बल्कि फिट इंडिया और स्पोर्ट्स इंडिया के संकल्प को भी जन-जन तक पहुंचाना होगा।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कुलगुरु प्रो. अग्रवाल ने कहा कि “खेलेगा भारत, जीतेगा भारत” केवल एक नारा नहीं, बल्कि स्वस्थ, आत्मविश्वासी और सशक्त भारत के निर्माण का संकल्प है। खेल व्यक्ति के भीतर आत्मविश्वास, अनुशासन, धैर्य, नेतृत्व क्षमता और लक्ष्य प्राप्ति का जज्बा विकसित करते हैं। आत्मविश्वास से परिपूर्ण व्यक्ति ही अपने जीवन की मंजिलों को प्राप्त करने में सक्षम होता है।

उन्होंने कहा कि जब हम विकसित भारत की परिकल्पना करते हैं तो उसके मूल में स्वस्थ भारत और सशक्त युवा शक्ति का होना आवश्यक है। विकसित राष्ट्र का निर्माण तभी संभव है, जब उसके नागरिक स्वस्थ हों और युवा ऊर्जा से भरपूर हों। स्वस्थ और आरोग्य भारत के निर्माण में खेलों की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका है। खेलों के माध्यम से प्रत्येक व्यक्ति स्वयं को शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रख सकता है।

कुलगुरु ने उपस्थित विद्यार्थियों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं शिक्षकों से आह्वान किया कि वे यह संकल्प लें कि स्वस्थ भारत के निर्माण में सबसे पहले स्वयं को स्वस्थ रखेंगे और नियमित रूप से खेल एवं फिटनेस गतिविधियों को अपने जीवन का हिस्सा बनाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति का छोटा-सा व्यक्तिगत प्रयास भी एक स्वस्थ और सशक्त राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।

प्रो. अग्रवाल ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 भी समग्र एवं सर्वांगीण शिक्षा पर विशेष बल देती है। शिक्षा केवल बौद्धिक विकास तक सीमित नहीं हो सकती। वास्तविक शिक्षा व्यक्ति के मन, शरीर और आत्मा—Mind, Body and Soul के संतुलित विकास का माध्यम है। खेल इसी समग्र शिक्षा का एक महत्वपूर्ण आधार हैं, जो विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास के साथ-साथ उनमें अनुशासन, टीम भावना, संघर्ष क्षमता और सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करते हैं।

उन्होंने कहा कि भारत को अंतरराष्ट्रीय खेल जगत में एक अग्रणी राष्ट्र के रूप में स्थापित करने के लिए विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों को खेल संस्कृति को और अधिक मजबूत बनाना होगा। आज विश्वविद्यालय स्तर पर आयोजित होने वाली खेल एवं फिटनेस गतिविधियां विद्यार्थियों को केवल प्रतियोगिताओं के लिए तैयार नहीं करतीं, बल्कि समाज में यह संदेश भी देती हैं कि विश्वविद्यालय की शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि वह विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

कुलगुरु ने इस अवसर पर सभी से संकल्प दिलाते हुए कहा कि हम स्वयं स्वस्थ रहेंगे, खेलों को जीवन का अभिन्न अंग बनाएंगे और भारत को एक अग्रणी खेल राष्ट्र बनाने में अपनी भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि यदि भारत खेलों के क्षेत्र में और अधिक सशक्त एवं अग्रणी बनेगा, तो विकसित भारत के लक्ष्य की प्राप्ति भी और अधिक गति से होगी।

राष्ट्रीय खेल दिवस के उपलक्ष्य में विश्वविद्यालय में 21 अगस्त से 30 अगस्त, 2026 तक “एक घंटा खेल के मैदान” अभियान के अंतर्गत विभिन्न खेल, फिटनेस एवं जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को खेल के प्रति प्रेरित करना तथा उन्हें एक स्वस्थ, सक्रिय एवं सशक्त भारत के निर्माण में सहभागी बनाना है।

इस अवसर पर आयोजित विशेष उद्घाटन गतिविधि के अंतर्गत बैडमिंटन मैच का आयोजन भी किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के पीजी डीन, शिक्षकगण, अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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