आखिर कौन स्थापित कर गया माँ दुर्गा की मूर्ति

केकड़ी-जयपुर मार्ग पर पालिका द्वारा निर्मित सर्किल पर आखिर कौन स्थापित कर गया माँ दुर्गा की मूर्ति
भाजपा नेता शर्मा ने देवी माँ की मूर्ति की सुरक्षा को लेकर उठाये सवाल, कहा यह कृत्य लोगों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ है

केकड़ी-जयपुर सड़क मार्ग पर सड़क के बीच नगरपालिका द्वारा बनाये गए अन्नपूर्णा सर्किल पर दुर्गा माँ की मूर्ति कौन स्थापित कर गया यह न तो पालिका के अधिकारियों को पता है और न ही प्रशासन को, जबकि सुप्रीम कोर्ट के सख्त निर्देश हैं कि सड़क मार्ग पर किसी भी देवी देवता की मूर्ति की स्थापना या मजार बनाने से पहले जिला प्रशासन की अनुमति लेना आवश्यक है। सूत्रों के अनुसार दशहरे के दिन दोपहर में नगर के प्रथम नागरिक द्वारा आचार संहिता का खुला उल्लंघन करते हुए इस सर्किल पर माँ दुर्गा की मूर्ति की स्थापना की गई इस दौरान उनके कुछ समर्थक भी मौजूद थे, लेकिन अब वे इस बात से मुकर रहे हैं। तो प्रश्न यह उठता है कि बिना किसी की जानकारी के पालिका द्वारा निर्मित इस सर्किल पर आखिर करीब 25 हजार रुपये की कीमत की माँ दुर्गा की यह मूर्ति कौन लगा गया। वैसे भी नगर के प्रथम नागरिक अपनी किसी न किसी हरकत से विवादों में बने रहते हैं शायद उन्हें चर्चाओं में बने रहने की आदत पड़ गई है। केकड़ी-जयपुर मार्ग पर सड़क के बीच मूर्ति की स्थापना को लेकर भाजपा नेता राकेश शर्मा ने विरोध करते हुए सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की जिसके जवाब में नगर के प्रथम नागरिक ने कहा कि पालिका ने नहीं की देवी माँ की मूर्ति की स्थापना उन्हें नहीं मालूम कि यह मूर्ति कौन स्थापित कर गया, जबकि नगर के प्रथम नागरिक की फैक्ट्री इस सर्किल से कुछ कदमों ही दूर है तथा इस मार्ग पर हमेशा वाहनों की आवाजाही लगी रहती है। भाजपा नेता राकेश शर्मा का कहना है कि मूर्ति की स्थापना तो हो गई मगर वहां रोजाना कौन पूजा अर्चना करेगा जबकि हिंदू संस्कृति के अनुसार 6 इंच से बड़ी देवी माँ की मूर्ति की रोजाना पूजा अर्चना होना जरूरी है और यह मूर्ति तो करीब ढाई फिट की है। वहीं शर्मा का कहना है कि इस देवी माँ की मूर्ति की क्या सुरक्षा व्यवस्था है, कौन है सुरक्षा का जिम्मेदार। अगर किसी समाज कंटक ने माता की मूर्ति के साथ कुछ गलत हरकत की तो क्या जनभावना प्रभावित नहीं होगी। उन्होंने कहा कि अगर नगरपालिका को सर्किल बनाना इतना ही जरूरी था तो माता की मूर्ति की जगह किसी महापुरुष की प्रतिमा लगाई जानी चाहिए थी। वहीं शर्मा का कहना है कि सड़क के बीच इस सर्किल का कोई औचित्य नहीं है, हां अगर यहां चौराहा होता तो फिर भी बात जम जाती। उनका आरोप है कि पालिका द्वारा बनाया गया यह सर्किल घटिया सामग्री से निर्मित किया गया है जो कुछ दिनों बाद ही उखड़ने लगेगा तब क्या होगा देवी माँ की इस मूर्ति का।
कुल मिलाकर पालिका ने इस सर्किल निर्माण के नाम पर सरकारी पैसा व्यर्थ खर्च किया है। शर्मा का कहना है है कि वैसे भी पूरे राज्य में कहीं भी सड़क मार्ग के बीचों बीच किसी देवी देवताओं की मूर्ति स्थापित नहीं है और किसी महापुरुष की भी प्रतिमा लगाई गई है तो उसके सुरक्षा के लिए बड़ा सर्किल बनाकर पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में किसी भी घटना-दुर्घटना घटने की आशंका व जन भावनाओं को ध्यान में रखते हुए प्रशासन को ऐतिहातन कोई ऐसा कदम उठाना चाहिए ताकि कोई अनहोनी न हो।

तिलक माथुर
*9251022331*

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