कोरना संक्रमनकाल के सच्चे वारियर्स देवदूत डॉक्टर्स part 1

डॉक्टर्स डे -एक जुलाई

dr. j k garg
डॉक्टर्स की समाज के प्रति अमूल्य सेवा एवं योगदान के बारे में जनसाधारण को जागरुक करनेके लिये प्रति वर्ष भारत में 1 जुलाई को राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस (डाक्टर्स डे) मनाया जाता है |
निस्संदेह हमारी माँ हमारे जीवन की सबसे पहली डॉक्टर है जो जीवन भर निस्वार्थ भाव हमारी देखभाल करती है | यह भी सच्चाई है ईश्वर तो सबके जीवन की रक्षा स्वयं प्रत्यक्ष रूप से नही कर पाते हैं इसलिए इस धरती पर उन्होंने अपने दूत के रूप में डॉक्टर को भेज दिया। बीमारी से लड़ने की ताकत एक डॉक्टर ही हमे देता है।कोराना महामारी के समय में खुद की जान को जोखिम में डाल कर हजारों इंसानों के प्राण बचानेवाला धरती पर भगवान का दूत डाक्टर ही है | भारत एवम् संसार के विभिन्न देशों में सैंकड़ो डाक्टरों ने अपने प्राणों की आहति देकर लाखों स्त्री पुरुष , बालक बालिकाओं को जीवन दान दिया है | वो इन्सान डॉक्टर ही होता है जो रोते हुए आये मरीज को हँसाते हुए भेजता है। जीवन जीना एक कला है जिन्हें जीने के लिए माँ बाप के बाद एक डॉक्टर की ही सलाह की जरूरत पड़ती है। आधी से अधिक बीमारी तो डॉक्टर के सांत्वना से ही ठीक हो जाती है निस्संदेह डॉक्टर इस संसार के वास्तविक हीरो होते है जो हमारे जीवन की रक्षा करते है।

प्रस्तुती—डा. जे. के.गर्ग

Leave a Comment

error: Content is protected !!