आगामी विधानसभा चुनाव में सूड़ी जाति को मिले उचित राजनीतिक भागीदारी: प्रो. रामावतार महतो

“भाजपा सूड़ी समाज के समर्थन को नजरअंदाज न करे” – प्रो. रामावतार महतो
“मंत्रिमंडल पुनर्गठन में भी सूड़ी समाज की उपेक्षा” – वैश्य सूड़ी समाज समिति
पटना, 26 फरवरी: अखिल भारतीय शौण्डिक संघ एवं वैश्य सूड़ी समाज समिति सहित विभिन्न जिलों के सूड़ी संगठनों ने बिहार में सूड़ी जाति को राजनीतिक भागीदारी नहीं मिलने पर नाराजगी जताई है। इन संगठनों ने भाजपा से आग्रह किया है कि आगामी विधानसभा चुनाव में सूड़ी समाज को उचित प्रतिनिधित्व दिया जाए, अन्यथा समाज में असंतोष बढ़ सकता है।
अखिल भारतीय शौण्डिक संघ के सभापति प्रो. रामावतार महतो ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि बिहार सरकार में सूड़ी जाति को अब तक प्रतिनिधित्व नहीं मिल पाया है, जिससे समाज में भारी नाराजगी है। उन्होंने कहा कि भाजपा को इस पर संज्ञान लेना चाहिए, क्योंकि बिहार के 15 से 20 विधानसभा सीटों पर सूड़ी समाज का वोट निर्णायक भूमिका निभाता है।
उन्होंने यह भी कहा कि किशनगंज, कटिहार, भागलपुर, अररिया, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, दरभंगा, वैशाली, पटना, समस्तीपुर, मुंगेर, गया जैसे जिलों में सूड़ी जाति का प्रभावशाली वोट बैंक है, जो अब तक भाजपा के समर्थन में रहा है। लेकिन अगर समाज को प्रतिनिधित्व नहीं मिला, तो यह समर्थन खिसक भी सकता है।
प्रो. महतो ने कहा कि राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने सूड़ी समाज को लगातार राजनीतिक भागीदारी दी है। राजद ने राजनीति प्रसाद को राज्यसभा भेजा और रामचंद्र पूर्वे को मंत्री एवं प्रदेश अध्यक्ष बनाया। राजकुमार महासेठ, समीर महासेठ, राम प्रकाश महतो को मंत्रीमंडल में जगह देकर समाज को सम्मान दिया। कामेश्वर पूर्वे (राजद), राजकुमार पूर्वे (वामदल), नगीना देवी (लोजपा), केदार प्रसाद (राजद) जैसे कई विधायक भी सूड़ी समाज से चुने गए।
वहीं, भाजपा में दिवंगत नेता सुशील मोदी ने सूड़ी समाज को उभारने का प्रयास किया और उनके कार्यकाल में अरुण शंकर प्रसाद, अमरनाथ गामी विधायक बने थे। वैद्यनाथ प्रसाद एवं सुमन महासेठ विधान पार्षद थे। वर्तमान में भाजपा में सूड़ी समाज का केवल एक विधायक अरुण शंकर प्रसाद हैं, लेकिन विधान परिषद में कोई प्रतिनिधित्व नहीं है।
वैश्य सूड़ी समाज समिति के प्रमंडलीय अध्यक्ष सुनील गड़ाई ने कहा कि 26 फरवरी को हुए मंत्रिमंडल पुनर्गठन में भी सूड़ी समाज को कोई प्रतिनिधित्व नहीं मिला, जो गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि अन्य वैश्य उपजातियों को आबादी के अनुपात में राजनीतिक हिस्सेदारी मिल रही है, लेकिन सूड़ी जाति को लगातार अनदेखा किया जा रहा है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में बिहार प्रदेश भाजपा से अनुरोध किया गया कि सरकार के विभिन्न आयोगों में रिक्त पदों पर सूड़ी जाति के नेताओं को प्रतिनिधित्व दिया जाए, ताकि उन्हें उचित सम्मान मिल सके।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में वैश्य सूड़ी समाज समिति, दरभंगा के जिलाध्यक्ष रामनाथ पंजियार, जिला उपाध्यक्ष जयकिशुन राउत सहित कई अन्य नेताओं ने भाग लिया और भाजपा से अपील की कि अगर जल्द ही सूड़ी समाज को राजनीतिक भागीदारी नहीं दी गई, तो समाज के लोग भविष्य में कोई बड़ा निर्णय लेने के लिए मजबूर होंगे।

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