बालासोर [ओडिशा]। पहली बार स्वदेश में विकसित सबसोनिक क्रूज मिसाइल निर्भय का ओडिशा में चांदीपुर के परीक्षण केंद्र में परीक्षण किया गया लेकिन यह परीक्षण कामयाब नहीं रहा और इसे रास्ते में ही नष्ट कर दिया गया। रक्षा से जुड़े सूत्रों के अनुसार इस मिसाइल की मारक क्षमता 700 किलोमीटर तक थी और इसके पास परमाणु बम ले जाने की क्षमता है।
रक्षा से जुड़े सूत्रों के अनुसार आज सुबह 11:54 बजे आइटीआर के लांच पैड-तीन से मोबाइल लांचर से मिसाइल का परीक्षण किया गया जो कामयाब नहीं रहा। चांदीपुर से 15 किमी दूर बालासोर में इस मिसाइल को लाया गया और वरिष्ठ रक्षा वैज्ञानिक व अधिकारियों की मौजूदगी में इसका परीक्षण किया गया। इस मिसाइल में सतह से सतह तक मार करने की क्षमता है। निर्भय में कई खूबियां हैं। इसे जमीन, समुद्र और हवा में कहीं से भी छोड़ा जा सकता है। साथ ही इस मिसाइल के पास रडार से बच निकलने की क्षमता है। वर्ष 2007 से विकसित हो रही इस मिसाइल की मारक क्षमता सात सौ किमी बताई जा रही है।
भारत के पास भारत और रूस के सहयोग से बने ब्रह्माोस जैसी सुपरसोनिक मिसाइलों की तकनीक है लेकिन ‘निर्भय’ डीआरडीओ की बेंगलूर स्थित प्रयोगशाला वैमानिक विकास प्रतिष्ठान की ओर से विकसित की गई मध्य दूरी की मारक क्षमता वाली अलग तरह की मिसाइल है। ब्रह्माोस की मारक क्षमता 290 किमी है।
जिला राजस्व अधिकारी ने बताया कि आज तड़के सुबह बालासोर जिला प्रशासन ने मिसाइल परीक्षण के दौरान सुरक्षा उपाय के तहत परीक्षण केंद्र के लांच पैड संख्या तीन के आसपास दो किलोमीटर घेरे में रहने वाले 453 परिवारों के 2586 वयस्कों और 698 बच्चों से अस्थायी रूप से जगह खाली करा दिया। उन्होंने कहा कि अस्थायी रूप से जगह खाली कराए जाने पर परिवारों को मुआवजा दिया जाएगा।