लुधियाना। हाई प्रोफाइल हेरोइन तस्करी मामले के तार धीरे-धीरे हवाला से जुड़ने शुरू हो गए हैं। दरअसल बेशकीमती ड्रग हेरोइन की तस्करी के बाद उसका भुगतान करोड़ों-अरबों रुपयों में होता है। इतनी अधिक धनराशि का भुगतान हवाला नेटवर्क के जरिए ही मुमकिन है। ऐसे में पुलिस ने ड्रग्स ट्रेन के हवाला पटरी पर दौड़ने की थ्योरी पर काम करना शुरू कर दिया है। उसके हाथ इस गोरखधंधे में शामिल हवाला नेटवर्क का एक मजबूत तार हाथ लग गया है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, हेरोइन तस्करी में गिरफ्तार एनआरआइ अनूप सिंह काहलों ने पूछताछ में बताया कि वह और भूमिगत जगदीश भोला हवाला राशि का नेटवर्क संभालते थे। हवाला राशि दिल्ली से पंजाब लाने का काम एनआरआइ मनप्रीत सिंह उर्फ मनी और गब्बर सिंह के हाथ में था। आरोपी परमजीत गुलाटी दिल्ली में बैठकर ड्रग्स व हवाला राशि इधर-उधर भेजने का काम करता था। पुलिस यह जानकर हैरान है कि पिछले कुछ सालों में ही अरबों रुपये की हवाला राशि भारत में आई, जिसकी भनक किसी को नहीं लगी। वह आरोपियों से पूछताछ करने में जुटी है कि इतनी बड़ी हवाला राशि को वे किन-किन कामों में लगाते थे।
पुलिस के मुताबिक, जगदीश भोला की गिरफ्तारी के बाद एक बड़े नेटवर्क का खुलासा होने के आसार हैं। डीआइजी एमएफ फारूकी का कहना है कि अनूप सिंह काहलों व राजा कंदोला की गिरफ्तारी के बाद पंजाब में ड्रग तस्करी का एक बड़ा गठजोड़ टूट गया है। काहलों हेरोइन ड्रग तस्करी का एक बड़ा माफिया है, जिसके तार हवाला से भी जुड़े हो सकते हैं। इसे लेकर अभी जांच चल रही है।
राजा कंदोला का भी था हवाला नेटवर्क
पंजाब में एनआरआइज, ड्रग्स और हवाला का आपस में गहरा रिश्ता रहा है। पंजाब के सबसे बड़े ड्रग्स-किंग राजा कंदोला की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली इन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट ने जनवरी के अंत में पंजाब, दिल्ली व चंडीगढ़ में 15 जगह छापेमारी की थी। उसने कंदोला समेत कई लोगों के ठिकानों से 100 करोड़ रुपये की हवाला राशि बरामद होने का खुलासा किया था।