बीकानेर, 2 सितम्बर। पेंशन, नरेगा और छात्रवृतियां जैसे नकद लाभ सीधे लाभार्थियों तक पहुंचाने के राज्य सरकार के महत्त्वाकांक्षी अभियान के जिले में भी सुनहरे परिणाम देखने को मिल रहे हैं। सीधे लाभ हस्तांतरण के क्षेत्र जहां जुलाई में जिला, राज्य में 16वें स्थान पर था, वहीं इस बार बीकानेर आठवें स्थान पर आ गया है।
नवंबर 2015 में जिले में महज छह ट्रांजेक्शंस के माध्यम से जहां सिर्फ 1 हजार 825 रूपये ही लाभार्थियों के खाते में हस्तांतरित किए गए थे, वहीं अगस्त 2016 में ट्रांजेक्शन की संख्या बढ़कर 16 हजार 322 हो गई है। इसके माध्यम से 1 करोड़ 89 लाख 92 हजार 451 रूपये सीधे लाभार्थियों को हस्तांतरित कर दिए गए हैंं। माहवार देखें तो नवंबर 2015 में छह, दिसम्बर में दो, जनवरी 2016 में 347, फरवरी में 4 हजार 314, मार्च में 6 हजार 733, अप्रैल में 2 हजार 849, मई में 6 हजार 214, जून में 12 हजार 577, जुलाई में 18 हजार 664 तथा अगस्त में 16 हजार 322 ट्रांजेक्शन हुए हैं। इस प्रकार अगस्त तक कुल 68 हजार 228 ट्रांजेक्शंस के माध्यम से 7 करोड़ 83 लाख 44 हजार 776 रूपये सीधे लाभार्थियों के खातों में हस्तांतरित कर दिए गए हैं। जिनसे लाभार्थियों को बिचोलियों से मुक्ति मिली है, वहीं उनके समय एवं ऊर्जा की बचत हुई है।
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लाखीणी हो जाएगी लाखासागर तलाई
बीकानेर, 2 सितम्बर। जयमलसर की लाखासागर तलाई प्राकृतिक सौंदर्य की दृष्टि में किसी से कम नहीं है। काले-कजरारे बादलों में से छनकर आने वालीं सूरज की किरणें, इसकी सुंदरता में चार चांद लगा देती हैं, जो कि यहां से गुजरने वालों का ध्यान बरबस ही अपनी ओर खींच लेती है। इस तलाई की सुंदरता तब और अधिक बढ़ जाएगी, जब मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान के तहत इसका जीर्णोद्धार होगा। अभियान के दूसरे चरण में बीकानेर पंचायत समिति के जयमलसर तथा जयमलसर में इस तलाई को क्षमता संवर्धन के लिए चयनित किया गया है। वह दिन दूर नहीं जब जयमलसर की लाखासर तलाई, जिले की सबसे सुंदर, भव्य एवं सर्वाधिक जल संग्रहण क्षमता वाली तलाईयों में से एक होगी।
-हरि शंकर आचार्य सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी, बीकानेर
प्रेषक :–
—– मोहन थानवी