चतुर्थ राष्ट्रीय लोक अदालत हूई आयोजित

राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बीकानेर के द्वारा दिनांक 08.09.2018 को चतुर्थ राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित की गयी। जिसमें जिला मुख्यालय, बीकानेर एवम् प्रत्येक ताल्लुका नोखा/श्रीडूंगरगढ/कोलायत/लूणकरणसर /खाजूवाला मुख्यालय पर सभी प्रकृति के विवादों के निस्तारण व प्रि-लिटिगेशन और लम्बित प्रकरणों को समाहित करते हुए शमनीय दाण्डिक अपराध, अंतर्गत धारा 138, परक्राम्य विलेख अधिनियम, बैक रिकवरी मामले, एमएसीटी मामले, पारिवारिक विवाद, श्रम विवाद, भूमि अधिग्रहण मामले, बिजली व पानी के बिल (चोरी के अलावा), मजदूरी, भत्ते और पेंशन भत्तों से संबंधित सेवा मामले, राजस्व मामले, अन्य सिविल मामले किराया, सुखाधिकार, निषेधाज्ञा दावे एवं विनिर्दिष्ट पालना दावे) आदि का अधिकाधिक रूप से निस्तारण लोक अदालत के माध्यम से किया गया। इसके साथ ही स्थाई लोक अदालत की अध्यक्ष श्रीमति कमलदत्त द्वारा जनउपयोगी सेवाओं से संबंधित तथा पानी, बिजली से संबंधित प्रकरणों का निपटारा किया गया है।

राहुल चौधरी, (अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट) पूर्णकालिक सचिव, बीकानेर ने बताया कि बीकानेर न्यायक्षेत्र में उक्त प्रकृति के कुल लम्बित प्रकरण 13003 न्यायिक प्रकरणों में से प्रि-लिटीगेशन के 8643 प्रकरण एवम् 4360 न्यायिक प्रकरण रखे गये। जिनमें से 1006 न्यायिक प्रकरण राजीनामे से निस्तारित हुए जिनमें रूपये 54234397.39/- राशि का अवार्ड पारित हुआ। इस लोक अदालत के माध्यम से विभिन्न बैंकों एवम् पक्षकारों के आपसी सहमति से बैंकों, बीएसएनएल व अन्य विभागों द्वारा प्रि-लिटिगेशन के 8643 के प्रकरण रखे गये जिनमें से 251 प्रकरणों का निस्तारण राजीनामें से किया गया। जिसमें कुल रूपये 28029122/- की राशि की वसूली की गयी। इस प्रकार बीकानेर जिले में प्रि-लिटीगेशन व लम्बित प्रकरण की कुल संख्या सुनवाई हेतु 13003 रखे गये जिनमें 1257 प्रकरण निस्तारण करते हुए राशि 82263519.39/- राशि का अवार्ड पारित किया गया।

श्रीमान् अध्यक्ष राजेन्द्र कुमार पारीक, जिला एवम् सेशन न्यायाधीश महोदय (जिला विधिक सेवा प्राधिकरण) बीकानेर ने यह भी बताया कि वर्तमान समय में वैकल्पिक विवाद निस्तारण का एक महत्वपूर्ण माध्यम लोक अदालत है लोक अदालत के माध्यम से पक्षकारों को बिना किसी खर्चे के त्वरित न्याय मिलता है एवम् उसकी अपील भी नहीं होती है।

राहुल चौधरी, (अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट) पूर्णकालिक सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बीकानेर ने लोक अदालत बैंचों के सभी सदस्यों, अधिवक्तागण, समस्त बैंकों के मैंनेजर/अधिकारीगण, पक्षकारों, कर्मचारीगण द्वारा इस लोक अदालत के आयोजन में सकारात्मक भूमिका अदा करने के लिये धन्यवाद प्रकट किया ।

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