हड़ताल की वजह से नहीं हो सके पंचायत समिति स्तर पर लाभार्थी सम्मेलन

फ़िरोज़ खान
जयपुर 18 सितंबर । पंचायती राज कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से 18 सितम्बर को राजस्थान की 295 पंचायत समिति में से अधिकांश में लाभार्थी सम्मेलन नहीं हो सके। पिछले कई दिनों से जयपुर युद्ध का मैदान बना हुआ है। वहीं 18 सितम्बर को प्रदेश के पंचायतीराज मंत्री राजेन्द्र सिंह राठौड़ ने एक प्रेस काॅन्फ्रेंस कर हड़ताली कर्मचारियों को चेतावनी दी है।
नवम्बर में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सरकार ने पंचायत समिति स्तर पर पांच पांच हजार लाभार्थियों का सम्मेलन करवाने की घोषणा की थी, इसके लिए पंचायतीराज के कर्मचारियों और अधिकारियों को पाबंद किया था। लेकिन इस विभाग के कर्मचारी गत 12 सितम्बर से बेमियादी हड़ताल पर हैं इसलिए प्रदेश की अधिकांश पंचायत समिति पर लाभार्थी सम्मेलन नहीं हो सके। अब पंचायतीराज मंत्री राठौड़ ने धमकी दी है कि यदि कर्मचारी काम पर नहीं लौटे तो उनके विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जाएगी। राठौड़ का कहना है कि कर्मचारियों की सभी मांगे मान ली गई है। मांगों पर मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने भी स्वीकृति दे दी है। वहीं राजस्थान पंचायती राज सेवा परिषद के पदाधिकारियों बबलीराम जाट, सोहनलाल डारा महावीर शर्माऔर मीडिया प्रभारी सतपाल कुमावत (BDO) ने कहा कि सरकार ऐसा आश्वासन कई बार दे चुकी है, लेकिन समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है। मंत्री जी ने 9 बार लिखित समझौते किए हैं । परंतु हर बार वही ढाक के तीन पात
संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि वह इतनी बार छले गए हैं कि उन्हें विश्वास नहीं है कि उन्हें आचार संहिता से पहले जायज मांगों पर कुछ मिल पाएगा इसीलिए उन्होंने गजट नोटिफिकेशन की मांग की है और साथ ही वायदा किया है उनकी मांगे मानते ही वह काम पर लौट आएंगे और सौ गुना अधिक उर्जा के साथ सरकार के लिए काम करेंगे उनकी मांगे नहीं मानी गई तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा ।

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