कैंसर की शुरूआती अवस्था में हो पहचान

किसी प्रकार की शारीरिक विसंगति को नजर अंदाज न करें: डॉ. संजय खत्री
विश्व कैंसर दिवस के उपलक्ष पर महिला पुलिस के लिए कार्यशाला आयोजित

बीकानेर। कैंसर एक ऐसी बीमारी है जिसके तीसरी-चैथी स्टेज में पहुँचने पर मरीज को बचाना लगभग असंभव हो जाता है अतः इससे लड़ाई का पहला कदम तो बचाव ही है और दूसरा समय रहते शुरूआती अवस्था में पहचान। ये बात निकल कर आई सोमवार को विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर सदर थाना सभागार में महिला पुलिस के साथ आयोजित कैंसर जागरूकता कार्यशाला में। कैंसर के खिलाफ “आई एम एण्ड आई विल” थीम पर कार्यशाला का आयोजन सीएमएचओ कार्यालय की जिला एनसीडी इकाई व जिला चिकित्सालय के संयुक्त तत्वावधान में हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिला पुलिस अधीक्षक प्रदीप मोहन शर्मा ने कैंसर के खिलाफ लड़ाई में पूर्ण सतर्कता बरतने, नियमित स्वास्थ्य जांच करवाते रहने व जागरूकता को समाज में आगे तक ले जाने पर जोर दिया।
जिला चिकित्सालय में कैंसर केयर क्लिनिक के नोडल अधिकारी डॉ. संजय खत्री ने कैंसर के कारण, जांच, पहचान व उपचार के बारे में विस्तार से जानकारी दी। विशेष रूप से स्तन कैंसर को शुरूआती स्टेज में ही पहचान करने व जागरूक रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि कैंसर को हराने के लिए सभी अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहें और किसी प्रकार की शारीरिक विसंगति होने पर उसे नजर अंदाज न करें, समय-समय पर स्वास्थ्य जांचे करवाते रहें ताकि कैंसर हो भी जाए तो उसका पता शुरूआती स्तर पर ही लग जाए। रेडक्रॉस सोसाइटी के सचिव विजय खत्री ने कहा कि मरीज अगर दृढ़ इच्छाशक्ति से इस बीमारी का सामना करे और सही समय पर इलाज मुहैया हो तो इलाज संभव हो जाता है। हम इसके विषय में अधिकाधिक जन जागरूकता फैलाएं कि कैंसर के कारक क्या-क्या हैं, किस प्रकार इससे बचा जा सकता है और हो जाए तो उसका यथोचित इलाज कैसे लिया जाए तभी कैंसर दिवस मनाने का हमारा उद्देश्य पूर्ण होगा। एनसीडी के जिला समन्वयक इन्द्रजीत सिंह ढाका ने विभाग द्वारा उपलब्ध जांच, परामर्श, उपचार व जागरूकता कार्यक्रम की जानकारी दी। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग से गिरधर गोपाल किराडू, महिला पुलिस अधिकारी व महिला कांस्टेबल उपस्थित रहे।

गैर संचारी रोगों के लिए 244 की हुई स्क्रीनिंग
कैंसर दिवस पर जिला चिकित्सालय में विशेष जांच एवं उपचार शिविर भी आयोजित किया गया जिसमे गैर संचारी रोगों के लिए 244 व्यक्तियों की स्क्रीनिंग की गई। इनमे से 13 व्यक्तियों में डायबिटीज व 13 व्यक्तियों में उच्च रक्तचाप की समस्या की पहचान का उपचार शुरू किया गया।

Leave a Comment

error: Content is protected !!