बिजली कंपनी पर “करंट का साया”

सत्तापक्षी और विपक्षी दोनों कार्यकर्ता बीकेईसीएल के विरोध में, पदाधिकारी बोले – कुछ इलाकों में बिजली चोरी रोक पाना कंपनी के लिये भी टेढ़ी खीर
बिजली कंपनी ने माना नहीं रोक पा रहे चोरी,हमारी शिकायतें कम

बीकानेर। बीकेईसीएल कंपनी की तानाशाहपूर्ण नीति का विरोध जहां विपक्ष कर रहा है। वहीं अब सत्तापक्ष के पार्षदों ने मोर्चा खोलते हुए विरोध करने का निर्णय लिया है। जिसके तहत मंगलवार को क ंपनी के कार्यालय के सामने पुतला दहन कर विरोध जताया जाएगा। उधर कंपनी सीसीओ शांतनु भट्टाचार्य ने बिजली चोरी रोकने में असमर्थता जताते हुए शहर के कुछ क्षेत्रों में कार्यवाही नहीं करने और कंपनी कार्मिकों में इन क्षेत्रों में डर की आशंका जताई। पत्रकारों से मुखातिब होते हुए भट्टाचार्य ने कहा कि उनकी शिकायतें ग्रामीण क्षेत्रों के मुकाबले कम है। उन्होंने कहा कि शहर में पिछले तीन वर्षों में बीकेईसीएल कंपनी ने बेहतर काम करते हुए उपभोक्ताओं को 24 घंटे बिजली मुहैया करवाई है। यहीं नहीं कंपनी ने शहरवासियों की बिजली की समस्या का निस्तारण कर उन्हें राहत प्रदान की है। भट्टाचार्य ने बताया कि कंपनी ने शहरवासियों को बार बार बिजली कटौती से निजात तो दिलाई ही है। इसके अलावा बिजली खराब होने पर हाथों हाथ बिजली सुचारू होने की व्यवस्था करवाकर उपभोक्ताओं का विश्वास जीता है। भट्टाचार्य ने माना कि कुछ समस्याएं का हल अभी तक नहीं हो पाया है। परन्तु ये समस्याएं भी कंपनी की ओर से जल्दी से जल्दी निस्तारित कर दी जाएगी। मीटरों की तेज गति और बढ़ते बिजली के बिलों पर पूछे गये प्रश्न का जबाब देते हुए भट्टाचार्य ने कहा कि क ंपनी की ओर से उन्हीं मीटरों में बदला गया है। जो पुराने हो चुके है या भारत सरकार की विद्युत नीति में नहीं आते है। रही बात तेज गति से चलने वाले मीटरों की, अब तक कंपनी के पास ऐसी कोई शिक ायतें नहीं आई है। फिर भी उपभोक्ताओं को ऐसी शिकायतें है तो वे तुरन्त कंपनी के सेवा केन्द्र पर जाकर अपनी शिकातय की सन्तुष्टि कर सकते है। भट्टाचार्य ने साफ किया कि अगर किसी भी अधिक ारी-कर्मचारी द्वारा भ्रष्टाचार में लिप्त होना पाया जाता है तो कंपनी उसको तत्काल प्रभाव से नौकरी से निकाल देगी।

बीकानेर में नहीं लगाएं जाएंगे स्मार्ट मीटर
भट्टाचार्य ने कहा कि बीकानेर में स्मार्ट मीटर न तो लगाएं जा रहे है और न ही भविष्य में लगाएं जाए ंगे। कंपनी की ओर से जो मीटर लगाएं जा रहे है वो राजस्थान की दो कंपनियों की ओर बनाएं जाने वाले ही मीटर है न की कंपनी की ओर से खुद के तैयार मीटर। अगर कोई इसकी पुष्टि करना चाहता है तो वो कर सकता है।

पार्षद के साथ सौहार्दपूर्ण व्यवहार
पार्षदों के साथ हमारा व्यवहार सौहार्दपूर्ण है,पहले भी हमने पार्षदों के साथ समन्वित भाव के साथ क ाम किया है और आगे भी हम उनसे सौहार्दपूर्ण तरीके से मेलजोल बैठाकर काम करेंगे। निर्दलीय पार्षद नंदकिशोर गहलोत के साथ जो हुआ वह दुर्भाग्यपूर्ण था। कंपनी की कभी मंशा नहीं रहती कि किसी उपभोक्ता के साथ गलत हो।

कुछ इलाकों में नहीं रोक पाएं चोरी
भट्टाचार्य ने कहा कि कंपनी ने काफी हद तक चोरी रोकने का प्रयास किया है,लेकिन शहर के कुछ इलाकों में चोरी रोक पाना कंपनी के लिये भी टेढ़ी खीर बना हुआ है। इनमें रिडमलसर,भुट्टों का चौराहा क्षेत्र,कसाईबारी,कुचीलपुरा सहित चार पांच जगह शामिल में है।

ये गिनाई नाकामियां
भट्टाचार्य ने माना कि वे न तो सरकारी कार्यालयों से पूरी वसूली कर पाएं है और न ही चोरी रोकने में सफल हो पाएं। उन्होंने स्वीकार किया कि मीटर की रिडिंग करने वाले कुछ कार्मिक रूपये लेकर रिडि ंग में हेराफेरी करते है। किन्तु जिनका कंपनी को पता लगा। उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया।

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