“अँधेरा घाना है”

कल्पित हरित
गांधी जी का मानना था “लोकतंत्र बहुमत की तानाशाही है ” ये कथन अपने आप में ही लोकतांत्रिक व्यवस्था में मजबूत विपक्ष और सशक्त मीडिया की भूमिका को परिलक्षित करता है पर क्या आप किसी विपक्ष से ये उम्मीद कर सकते है की वो निष्पक्ष हो सकता है क्योकि उसकी निगाहे सदैव सत्ता के दरवाज Read more

ढूंढते ही रह जाओगे

शिव शंकर गोयल
लगता है कि ट्रेनों में जहरखुआनी गैंग के कारनामों से समाज में फैली अविश्वास की लहर मौजूदा हालात में शासक वर्ग से प्रेरणा पाकर दिनो दिन बढती ही जारही है. हाल के दिनों में घटित कुछ सच्ची घटनाएं इस बात को और भी पुख्ता करती है. कुछ दिनों पहले एक स्थान पर एक अधिक होशियार व्यक्ति Read more

अमर सिंधु की सिंधी रचना का देवी नागरानी द्वारा हिंदी अनुवाद

Amar_Sindhu
मूल सिंधी: अमर सिन्धु مان…!! پنهنجي ديس جي اڪيلائپ کي پنهنجو خواب آڇيان ٿي. پر، گيت جيڪو ڀڳت ڪنور رام جي ڳلي ۾ ڪٺو ويو منهنجي جسم جو عنوان بڻجي نٿو سگهي. هن جي ڇاتي تي سر رکي مون روئڻ چاهيو ٿي، امان ٻڌايو ته منهنجي لڙڪن ۽ رڙين مان هوءُ نکيٽي جو لوڪ گيت ٺاهي رهي آهي ۽ Read more

भारत एक खोज — “चौकीदार”

sohanpal singh
हमारे यहाँ सर्राफा बाजार में सुनार अपना सब माल असबाब भारी और बड़ी बड़ी तिजोरियों में बंद करके फिर बहार से भी ताला लगाते है लेकिन उसके बाद भी बाजार में रात में सुरक्षा करने के लिए चौकीदार रखते है जो सारी सारी रात जाग कर चिल्लाता है “जागते रहो -जागते रहो की लेकिन फिर भ Read more

अतीत से ज्यादा वर्तमान पर लड़ना हितकर

देवेन्द्रराज सुथार
संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती पर आमजन का आक्रोश दिन-ब-दिन बढ़ता ही जा रहा है। गुजरात से गुवाहाटी और कश्मीर से कन्याकुमारी तक फिल्म को लेकर चर्चा का बाजार गरम है। यहां तक की राजपूत जाति समुदाय ने तो फिल्म को पूरा देखने से पहले ही इसके बैन की मांग कर दी है। विरोध का स्वर इ Read more

मूडीज की मोहर से बदलेगी दिशाएं

lalit-garg
नोटबंदी एवं जीएसजी के आर्थिक सुधारों को लागू करने के लिये मोदी सरकार को जिन स्थितियों का सामना करना पड़ रहा है, उन स्थितियों में अर्थव्यवस्था को गति देने के तौर-तरीके खोजे जा रहे हैं, ऐसे समय में मोदी सरकार के लिए एक बेहतर खबर आई है कि अमेरिकी क्रेडिट रेटिंग एजेंसी ‘मूडीज’ ने Read more

होली और ईद मिलन

हेमंत उपाध्याय
पिताजी बेटे से बोले – चंदा व लकड़ी कंडे ( उपले ) मांगने होली वाले आए थे।उन्हे दो चार सो रूपए के साथ ही टूटे हुए मकान की पाँच दस लकड़ियां दे देना। गाय भैंस देखने को नहीं मिलते कंडे ( उपले) कहाँ से लाए ।बेटा बोला – चार सौ के बदले पाँच सौ रुपए दे दूँगा । लकड़ी देने Read more

विपक्ष की साझा चुनौती नहीं, बीजेपी की राह आसान

संजय सक्सेना
-संजय सक्सेना, लखनऊ- उत्तर प्रदेश में पहली दिसंबर को नगर निकाय चुनाव की काउटिंग के लिये बैलेट मशीन खुलते ही पता चल जायेगा, कि राज्य के सियासी पारे में कोई बदलाव आया है या फिर पिछले दो चुनावों जैसे ही अबकी बार भी बीजेपी ‘सरकार’ का नारा ही बुलंद होगा। उत्तर प्रदेश में बीजेपी क Read more

अफ़सोस ज़िन्दगी का,कभी था न है ना होगा

सुरेन्द्र चतुर्वेदी
अफ़सोस ज़िन्दगी का,कभी था न है ना होगा, हमें शौक ख़ुदकुशी का,कभी था न है ना होगा . मज़हब कोई बड़ा है,इंसान की हंसी से, ये ख़याल शायरी का,कभी था न है ना होगा. उसको सबक वफ़ा का,सिखला रहे हो लेकिन, वो शख्श तो किसी का , कभी था न है ना होगा, अहसास जिस घड़ी में,उसका हुआ था मुझको, आलम वो र Read more

लोकतंत्र की सुदृढ़ता कैसे संभव हो?

गणि राजेन्द्र विजय
-गणि राजेन्द्र विजय – चुनाव भले ही गुजरात एवं हिमाचल प्रदेश में हो रहे हों, लेकिन माहौल देशभर में गरमा रहा है। इस वक्त मतदाता मालिक बन जाता है और मालिक याचक। यह हम देख भी रहे हैं और केवल इसी से लोकतंत्र परिलक्षित होता है। बाकी सभी मर्यादाएं, प्रक्रियाएं, मूल्य और आदर्श Read more

दूध का कर्ज

हेमंत उपाध्याय
पति ने चिंतित होकर पत्नी से कहा- बेटा हमेशा तुमसे कहता है -” माँ ? मै तेरे दूध का कर्ज उतार दूंगा ।” तुमने तो उसे साल भर ही दूध पिलाया वो भी बिना शकर का जबकि मैने तो पन्द्रह साल से सुबह शाम उसके शकर व मलाई युक्त दूध की बंदी लगा रखी है ,पर वो कभी नहीं कहता , Read more