पेड़ों पर पैसे दिखे ! नेताजी सिंहासन झपटने लगे !

अजीब करामात है। पेड़ों पर पैसे लग रहे हैं। उन पैसों को नेताजी पेड़ों से तोड़-तोड़ कर रेवड़ियों की तरह बांटने में मशगूल हैं। इतना ही नहीं, दोनों ओर से नेताओं ने विपक्षी की योजनाओं को जन विरोधी बता कर वैसी ही अपनी-अपनी योजनाओं को सर्वश्रेष्ठ भी घोषित किया है। वाह! वाह! क्या बात है! … Read more

अनटोल्ड ट्रैजेटी आफ स्ट्रीट डॉग्स …!!

हे देश के नीति – नियंताओं । जिम्मेदार पदों पर आसीन नेताओं व अफसरों … आप सचमुच महान हो। जनसेवा में आप रात – दिन व्यस्त रहते हैं। इतना ज्यादा कि आप शूगर , प्रेशर , थाइराइड आदि से परेशान रहते हैं। आप देश के खेवैया हो। राष्ट्र की यह नैया आपके भरोसे ही आगे … Read more

दिन ब दिन टूटते रिश्ते

हाल ही में जापान की राजकुमारी ने अपने दिल की आवाज सुनी और एक साधारण युवक से शादी की। अपने प्रेम की खातिर जापान के नियमों के मुताबिक, उन्हें राजघराने से अपना नाता तोड़ना पड़ा। उनके इस विवाह के बाद अब वे खुद भी राजकुमारी से एक साधारण नागरिक बन गईं हैं। कैम्ब्रिज के ड्यूक … Read more

सफल जीवन के लिये नई राहें बनाएं

धूप और छांव की तरह जीवन में कभी दुःख ज्यादा तो कभी सुख ज्यादा होते हैं। जिन्दगी की सोच का एक महत्वपूर्ण पक्ष यह है कि जिन्दगी में जितनी अधिक समस्याएं होती हैं, सफलताएं भी उतनी ही तेजी से कदमों को चुमती हैं। बिना समस्याओं के जीवन के कोई मायने नहीं हैं। समस्याएं क्यों होती … Read more

यह जो है खड़गपुर … !!

तारकेश कुमार ओझा एक जिले के दो शहर। भौगोलिक नजरिए से कहें तो कंसावती नदी के दो छोर पर बसे दो जुड़वा शहर। लेकिन दोनों शहरों की तासीर बिल्कुल अलग । एक राम है तो दूसरा लखन। मेदिनीपुर मतलब स्वतंत्रता संग्राम की धरोहरें, गौरवशाली अतीत , विरासत , शासन , सभ्यता और संस्कृति… जबकि खड़गपुर … Read more

मुद्दों की जगह मतों की राजनीति के चुनाव

पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने जा रहे, राजस्थान और तेलंगाना में एक ही दिन 7 दिसंबर को मत डाले जाएंगे। जबकि मध्य प्रदेश और मिजोरम में 28 नवंबर को मतदान होगा। छत्तीसगढ़ में चुनाव दो चरणों में होंगे, पांचों राज्यों के चुनाव परिणाम 11 दिसंबर को आएंगे। गौरतलब है कि इन 5 राज्यों के … Read more

क्यों बदहाल एवं उपेक्षित है बचपन?

संपूर्ण विश्व में ‘सार्वभौमिक बाल दिवस’ 20 नवंबर को मनाया गया। उल्लेखनीय है कि इस दिवस की स्थापना वर्ष 1954 में हुई थी। बच्चों के अधिकारों के प्रति जागरूकता तथा बच्चों के कल्याण को बढ़ावा देने के लिए यह दिवस मनाया जाता है।बच्चों का मौलिक अधिकार उन्हें प्रदान करना इस दिवस का प्रमुख उद्देश्य है। … Read more

मीटू की तरह घरेलू हिंसा पर आन्दोलन हो

स्वतंत्र भारत में यह कैसा समाज बन रहा है, जिसमें करीब एक-तिहाई शादीशुदा महिलाएं पतियों से पिटती हैं। वडोदरा के गैर सरकारी संगठन ‘सहज’ और इक्वल मेजर्स 2030 के एक सर्वे के अनुसार 15 से 49 साल के आयु वर्ग की महिलाओं में से करीब 27 फीसदी घरेलू हिंसा बर्दाश्त करती आ रही हैं। महिलाओं … Read more

राम मंदिर मुद्दा: अयोध्या से दिल्ली तक रैली की गूंज

25 को अयोध्या, बेंगलुरू, नागपुर में 9 को दिल्ली में जमावड़ा -संजय सक्सेना, लखनऊ- आम चुनाव से कुछ माह पूर्व एक बार फिर भगवान राम का भव्य मंदिर बनाए जाने की मांग जोर पकड़ने लगी है। अयोध्या में भगवान श्री राम की जन्मस्थली पर भव्य मंदिर निर्माण के लिये आरएसएस के बाद विश्व हिन्दू परिषद … Read more

अप्सराओं का मनुष्यों के साथ पत्नी के रूप में रहने का रहस्य!

संसार भर में स्वर्ग के अस्तित्व और उसमें रहने वाली अप्सराओं के बारे में विश्वास किया जाता है। बहुत सी अप्सराएं स्वर्ग से धरती पर आती थीं और मनुष्यों के साथ पत्नी के रूप में रहकर पुनः स्वर्ग को चली आती थीं। कुछ अप्सराएं तो धरती के कई मनुष्यों के साथ रहकर संतानें उत्पन्न करने … Read more

विपक्षी एकता के सूत्रधार की असली चुनौती

आगामी लोकसभा चुनाव की हलचल उग्र होती जा रही है। भारतीय जनता पार्टी बनाम विपक्षी गठबंधन का दृश्य बन रहा है। जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आते जा रहे हैं, विपक्षी एकता के स्वर सुनाई दे रहे हैं। लेकिन सशक्त विपक्ष के गठबंधन की सबसे बड़ी बाधा एक सूत्रधार को लेकर है, जो विभिन्न दलों सेे बात … Read more