मां डि॒यारी आहियां (नंढी कहाणी)

लेखिका : देवी नागरानी अनुवाद : पदमा गोविंद मोटवानी “डि॒यारीअ जूं वाधायूं” फ़ोन जी घिंटी वजं॒दे ई खणण ते इहो आवाज़ु बु॒धण आयो‌। सोचींदी रहियसि केरि आहे, जेका मूंखे जा॒णे, सुञाणे ऐं गा॒ल्हाइण में पंहिंजपाई बि आहे, पर पंहिंजी सुञाणप डि॒यण बिना इएं ई गा॒ल्हाइणि….!” “अरे तव्हां खे बि डि॒यारीअ जूं वाधायूं” मुंदल लहिज़े में … Read more

पोषणयुक्त आहार एवं कुपोषण मुक्त भारत के संकल्प के उजाले

संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) द्वारा भारत सहित पूरे विश्व में भूख, कुपोषण एवं बाल स्वास्थ्य पर समय-समय पर चिंता व्यक्त की गई है। यह चिन्ताजनक स्थिति विश्व का कड़वा सच है लेकिन एक शर्मनाक सच भी है और इस शर्म से उबरना जरूरी है। कुपोषण और भुखमरी से जुड़ी वैश्विक रिपोर्टें … Read more

सच्चा दोस्त वो हे जो जीवन में बने सुख दुःख का साथी

दोस्ती का शाब्दिक अर्थ है “ दो+हस्ति” यानि दो हस्तियों का मिलन | सच्चाई तो यही है कि सच्चा दोस्त तो वही है जो उस समय हमारे साथ खड़ा रहता है जब सारी दुनियाँ यहाँ तक हमारे स्वजन भी हमारा साथ छोड़ देते हैं | सच्चा दोस्त वही है जो हमारे अंदर की अच्छाइयों को … Read more

*कविता -पहचान*

वे पीढ़ियों की पहचान समेटे अपना पैतृक मकान बेचकर नए फ़्लैट में रहने लगे हैं घर को फ़्लैट का नाम देकर पहचान के नाम पर नेम प्लेट के नीचे कुत्ते से सावधान लिखा हुआ है ऊपर बालकनी से नीचे झाँकते हुए रेंगते चेहरों में कुछ खोजते हैं जबकि हर चेहरा उनका अपना चेहरा है *रास … Read more

*कविता-विमर्श*

बड़ा शोर होता है कि कविता यह है, वह है, चेतना है, बकवास है, विलास है,आदि आदि। कविता क्या है या नहीं है ..? यह विषय अकादमिक हो सकता है लेकिन अगर इसे भाषा और संवेदना के स्तर पर समझा जाए तो यह लिखने वाले और पढ़ने-सुनने वाले को जीवित होने का बोध देती है … Read more

सादगी ही जिन्दगी का वास्तविक सौन्दर्य है

राष्ट्रीय सादगी दिवस, 12 जुलाई 2024 पर विशेषः कहते हैं ना लाइफ जितनी सिंपल होगी उतनी ही अच्छी एवं आनन्दमय होगी। हर इंसान सुन्दर एवं आकर्षक दिखना चाहता है, दीखने में बनावटीपन है, प्रदर्शन है, अनुकरण है, जबकि वास्तविक सौन्दर्य सादगी में है। सबसे सुन्दर दिखने की चाह में एक इंसान दूसरे इंसान तक को … Read more

“लज़ीज़ खाधा” (नंंढी कहाणी)

लेखिका : देवी नागरानी अनुवाद : पदमा गोविंद मोटवानी अजो॒को डीं॒हुं सुहाईंदड़ि यादिगिरियुनि में गुज़रियो। मन खे वणंदर लज़ीज़ ताम खाइण लाइ मिलया। मंझंदि जो वेलो कम्युनिटी सेंटर में न रखी करे एडिसन जे शाही बाजार जे विच में आयल ‘सुवर्णा रेस्टोरेंट’ में रखियो वियो हुओ। 12.30 खां वठी 2.00 बजे ताईं जो वक्तु डि॒नलि … Read more

हिंदाणे जो सफ़र (नंढी कहाणी)

लेखिका : देवी नागरानी अनुवाद : पदमा गोविंद मोटवानी विसिरियल-भुलायल, पाण ते गुज़िरियल गा॒ल्हियूं पंहिंजी उमिरि सां गडो॒गडि॒ पंहिंजी समुझ में पंहिंजो मतिलबु बदलींदियूं आहिनि। यादिगिरियुनि जे बाग़ खे कुझु इएं बि महिकाईंदियूं आहिनि- उन्हनि यादिगिरियुनि जो हिकु उज़िवो ही बि आहे भेण खां मोकिलाईंदे शशिकाॅंत जड॒हिं पंहिंजे घरु वञण लगो॒ त माटेली वडी॒ भेण … Read more

लुड़िक ऐं मुर्क (नंढी कहाणी)

लेखिका: देवी नागरानी अनुवाद: पदमा मोटवानी “मां खिली कोन सघियस ऐं चवंदे चवंदे मां रोई पियसि।” नंढपुणि जा डींं॒हं बि छा त डींं॒हं हुआ। उन्हंनि डींं॒हंनि जूं यादिगिरियूं ज़हन में रंग-बिरंगी गुलनि जी सुगं॒धु जियां एतिरियूं त समायल हूंदियूं आहिनि जो यादि ईंदे ई मुरिझायल मुंहांडो बि मुर्कण लगं॒दो आहे। गा॒ल्हि नंढी आहे पर मतिलबु … Read more

जनसंख्या नियंत्रण के लिये क्रांति का शंखनाद हो

विश्व जनसंख्या दिवस-11 जुलाई, 2024 प्रतिवर्ष विश्व जनसंख्या दिवस 11 जुलाई को मनाया जाता है, यह दिवस 11 जुलाई, 1987 से मनाया जाता है, जब दुनिया की आबादी 5 अरब हो गयी थी। यह दिवस जनसंख्या वृद्धि, इसके विकास एवं स्थिरता पर प्रभाव के जटिल मुद्दों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए समूची दुनिया … Read more

*भ्रष्टाचार की नींव पर बने पुल ढहेंगे ही*

*▶️बिहार सरकार ने गरमाए मामले पर ठंडे छींटे मारने के लिए 11 इंजीनियरों को सस्पेंड कर दिया* *▶️बिहार में भ्रष्टाचार में आकंठ डूबे सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की चलती है दादागिरी* *▶️अधिकारियों और कर्मचारियों को केवल कमीशन चाहिए, चाहे निर्माण कार्य घटिया हो* *✍️प्रेम आनन्दकर, अजमेर।* 📱8302612247 *👉भ्रष्टाचार की बुनियाद पर बने पुल ढहेंगे नहीं … Read more

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