गांधी से पहले गांधी

सब लोग यह तो जानते हैं कि सन 1893 में स्वामी विवेकानंद ने विश्व धर्म संसद में भारत के सनातन धर्म का प्रतिनिधित्व किया मगर यह नहीं जानते कि उस उस विश्व सम्मेलन में एक अन्य भारतीय जो 19वीं शताब्दी के प्रकांड जैन विद्वान थे उन्होंने प्रभावशाली ढंग से 3 दिन तक व्याख्यान देकर धर्म … Read more

केजरीवाल की नयी राजनीतिक ताकत का सबब

अरविन्द केजरीवाल दिल्ली के तीसरी बार शानदार एवं करिश्माई जीत के बाद मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। वे सौम्य, चतुर व करिश्माई कर्मयोद्धा व्यक्तित्त्व के आम आदमी जैसे दिखने वाले राजनेता हैं। हो सकता है कि आज जब दिल्ली एक कठिन दौर से गुजर रही है, तब नियति अपना करिश्मा ऐसे ही सादे व्यक्तित्व वाले … Read more

चार राज्यों में मात खाकर अब तो सबक ले भाजपा

दिल्ली के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी (आप) की चली आंधी ने भाजपा और कांग्रेस के टीन टप्पर उड़ा दिए। जिस तरह ‘आप’ को चुनाव में कामयाबी मिली है, उससे यह साबित हो गया है कि विकास के साथ साथ जनता की नब्ज को भी टटोलना जरूरी है। ‘आप’ और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद … Read more

वैलेंटाइन डे: रोमांटिक प्रेम का त्योहार

”आंधी से भी भयानक होती है रक्त की वह हलचल जिसे मनुष्य ने प्रेम की संज्ञा दी है।“ रांगेय राघव की यह प्रेम एवं प्रणय से जुड़ी अभिव्यक्ति आज के युवा प्रेमियों पर सही साबित होती है, युवा दिलों पर उमड़ती इसी आंधी को अभिव्यक्त होने का अवसर मिलता है, वैलेंटाइन डे यानी प्रेम एवं … Read more

वैचारिकी- काश! हम गलत साबित हो..

जब कभी अपने आप को गलत साबित करने का मन खुद को बचाने का एकमात्र जरिया नज़र आता हो तब दुआएं दूर की आवाजें लगने लगती हैं। धर्म ,जाति,भाषा, परम्परा के साथ- साथ विवेक और विचार भी अल्पसंख्यक मानें जाएँ, तो संख्या के दम्भ में पनपे शोर के नीचे यह डर ही कामना बनकर जिंदा … Read more

नारी तुम गुणों की खान हो

नारी तुम महान हो ,राम की सीता हो और राधा कृष्ण की गीता हो ।पतिव्रता के आदर्श पर नारी तुम कुर्बान हो । कविवर जयशंकर प्रसाद ने कभी कहा था कि नारी तुम केवल श्रद्धा हो । अबला जीवन हाय तुम्हारी यही कहानी, आंचल में है दूध और आंखों में पानी पर यह बात हो … Read more

श्रीराम मन्दिर- नयी रोशनी का अवतरण

मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम जनमानस की व्यापक आस्थाओं के कण-कण में विद्यमान हैं। श्रीराम किन्हीं जाति-वर्ग और धर्म विशेष से ही नहीं जुड़े हैं, वे सारी मानवता के प्रेरक हैं। उनका विस्तार दिल से दिल तक है। उनके चरित्र की सुगन्ध विश्व के हर हिस्से को प्रभावित करती है। भारतीय संस्कृति में ऐसा कोई दूसरा चरित्र … Read more

दिल्ली के नेतृत्व खोज की खोज में मतदाता जागे

एसोसिएशन फाॅर डेमोक्रेटिक रिफॉम्र्स ने दिल्ली विधानसभा चुनाव में उम्मीदवारों को लेकर कुछ चैंकाने वाले आंकडे प्रस्तुत किये हैं, जिससे लोकतंत्र को शुद्ध एवं नैतिक होने की आशा नहीं की जा सकती। इन आंकड़ों में दिल्ली प्रदेश के चुनाव में 51 प्रतिशत उम्मीदवार ऐसे हैं, जो 12वीं कक्षा या उससे भी कम पढ़े हुए हैं। … Read more

वायु एवं जल प्रदूषण के लिये हो मतदान

राजधानी दिल्ली में अक्सर वायु एवं जल प्रदूषण एक गंभीर समस्या के रूप में खड़ा रहता है, लेकिन इस गंभीर समस्या का दिल्ली विधानसभा चुनाव में बड़ा मुद्दा न बनना, विडम्बनापूर्ण है। असल में देखें तो संकट वायु प्रदूषण का हो या फिर स्वच्छ जल का, इनके मूल में विकास की अवधारणा के साथ-साथ राजनीतिक … Read more

“ बोए पेड़ बबूल का तो आम कंहा से पाए ” :- कबीरदास

आप जैसा बोएँगे वैसा ही भविष्य मे काटेंगे | आज देश की अर्थव्यवस्था मंदी के दौर मे है | आटोमोबाइल , रियल स्टेट जैसे कई क्षेत्रो मे सुस्ती है | निजीकरण की दिशा मे हम बढ़ चले है | सरकार को पैसा चाहिए तो एलआईसी हो या अन्य पब्लिक सेक्टर कम्पनियां वंहा से सरकार अपनी … Read more

युवा पीढ़ी का आव्हान

जाग उठो ,ओ नरसिंह जवानों ! हिंद देश के रहने वालों ! नवजागरण की अब बेला आई , कितने ही शत वर्ष हुए सोते , ली नहीं अब तक अंगड़ाई । नवभारत के कर्णधार हो तुम ! ओ देश के नौनिहालों ! निकल पड़ो तुम आंधी बनकर ओ भारत के रखवालो ! भारत में फैल … Read more

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