महिला एवं जन संगठनों का प्रतिनिधि मण्डल चतुर्वेदी से मिला

arun chaturvedi 3विमन्दित बाल गृह में हुई 12 मौतांे के सन्दर्भ में आज महिला एवं जन संगठनों का एक प्रतिनिधि मण्डल सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री अरुण चतुर्वेदी से मिला। उन्हें इस सन्दर्भ में अपने जांच दल की रपट से अवगत करवाया। साथ ही मांग की कि

1. सरकार की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए कि कैसे भी बचे हुये 102 लड़के और 92 लड़कियों को हर सूरत में स्वस्थ रखा जाये और अब कोई मौत हमारी लापरवाही से नहीं होने देने का संकल्प लिया जाये।
2. इसका एकमात्र हल, मौत के घर जामडोली विमन्दित बाल गृह से बच्चों को वापस सेठी काॅलोनी गृह में लाये जाये।
3. प्रिंसिपल मेडिकल काॅलेज द्वारा विशेषज्ञों का एक चिकित्सक समूह सभी बच्चों की जांच कर बच्चों के स्वास्थ्य पर ठीक से ध्यान दे।
4. इस गृह को चलाने में पारदर्शिता व जवाबदेही लाई जाये। निगरानी के लिए एक स्थाई समिति गठित की जाए जिसमें एक विशेष योग्य बच्चा हो, अभिभावक हों, इस क्षेत्र के कुछ विशेषज्ञ हांे, गैर सरकारी प्रतिनिधि व सरकारी प्रतिनिधि हांे। जो अचानक और नियमित रूप से गृह की जांच करें। बच्चें, स्टाफ, अधिकारी इत्यादि हर स्तर पर संवाद करें और गृह में सुधार और बदलाव लाने का प्रयास करें।
5. सामाजिक न्याय विभाग के शासन सचिव सुरदर्शन सेठी आपके द्वारा गठित विभागीय जांच का नेतृत्व कर रहे हैं। हमारा मानना है कि सबसे बड़े अपराधी तो खुद शासन सचिव ही हंै। जिन्होंने इस व्यवस्था को कमजोर किया और कभी भी निगरानी नहीं की गई।
6. दोषी अधिकारी व स्टाफ के खिलाफ सिर्फ निलम्बन नहीं एफ.आई.आर. भी दर्ज की जायंे।
7. आवास गृह के संचालन में उच्च न्यायालय के आदेश तथा नेशनल ट्रस्ट एक्ट की घरौन्दा योजना के दिशा निर्देशों का पालन किया जाये।
8. आवास गृह अधीक्षक कविता को तुरन्त प्रभाव से हटाया जाये।
9. शिक्षण प्रशिक्षण कार्य में कुछ दक्ष विशेषज्ञोें को जोड़ा जाये और शिक्षण प्रशिक्षण सामग्री की व्यवस्था की जाये।

मंत्री जी ने आश्वासन दिया कि वे व्यक्तिगत तौर पर इस पूरे प्रकरण से व्यथित हंै और विश्वास दिलाते हंै कि भविष्य में इन घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होगी और विमन्दित गृह में सभी अपेक्षित सुविधायें उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने महिला व जनसंगठनों से इस सम्बन्ध में सुझाव देने का भी अनुरोध किया। मंत्री जी ने यह भी भरोसा दिलवाया कि मुख्यमंत्री जी को घटना स्थल पर ले जायेंगे व उनकी तरफ से ऐसा संदेश प्रसारित करवायेंगे ताकि आम जनता में इन बच्चों की सुरक्षा के प्रति विश्वास पैदा हो।

हम हैं ः-

उमंग, पीपुल्स यूनियन फाॅर सिविल लिबर्टीज, राजस्थान (पी.यू.सी.एल.), नेशनल फैड्रशन इण्डियन विमन, राजस्थान (एन.एफ.आई.डब्ल्यू,), राजस्थान बाल अधिकार संरक्षण सांझा अभियान, आॅल इण्डिया दलित महिला अधिकार मंच, राजस्थान (ए.आई.डी.एम.ए.एम.), अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति, राजस्थान (एडवा), विशाखा महिला शिक्षण व शोध समिति, राजस्थान यूनिवर्सिटी विमेन्स एसोसिएशन (रूवा), महिला पुनर्वास समूह, नैशनल मुस्लिम वुमेन्स वेलफेयर सोसायटी, राजस्थान महिला कामगार यूनियन, विविधा-महिला आलेखन एवं सन्दर्भ केन्द्र, महिला एवं बाल कल्याण समिति, सामाजिक विधि अध्ययन अकादमी, भारत ज्ञान विज्ञान समिति राजस्थान, सेन्टर फाॅर एडवोकेसी एण्ड रिसर्च जयपुर, आजाद फाउण्डेशन, सूचना का अधिकार एवं रोजगार अभियान, मजदूर किसान शक्ति संगठन, राजस्थान मजदूर किसान मोर्चा अजमेर, बेटी जिन्दाबाद अभियान, राजस्थान, शिक्षा रोजगार केन्द्र व प्रबन्धक समिति (एस.आर.के.पी.एस.), महिला जनअकिार समिति, अजमेर, एकल नारी शक्ति संगठन राजस्थान, विशाखा महिला ’िाक्षा व ’ा¨द्य सस्थां, विकल्प राजस्थान, दलित अधिकार केंद्र, जमायत इस्लामी हिन्द राजस्थान, राजस्थान समग्र सेवा संघ, ह्यूमन राईट्स लाॅ नेटवर्क राजस्थान (एच.आर.एल.एन), न्याय, शांति एवं मानव विकास संस्थान।

सम्पर्क ः कविता श्रीवास्तव ः 9351562965, निशा सिद्धू – 9414443607
फ़िरोज़ खान
मीडिया कोडिनेटर
एच एम् आर सी बारां ।

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