मुद्रांक शुल्क बकाया प्रकरण में रियायत की अवधि 31 तक

अजमेर। पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग के मुद्रांक शुल्क बकाया प्रकरणा में राज्य सरकार की अधिसूचना दिनांक 30.11.2016 से जारी ब्याज एवं शास्ति में दी जा रही 100 प्रतिषत पूर्ण रियायत की अवधि दिनांक 31.01.17 को समाप्त हो रही है। मुद्रांक प्रकरणों में ब्याज एवं शास्ति की इस एमनेस्टी योजना के अन्तर्गत कलटक्र स्टाम्प न्यायालय में लम्बित प्रकरणों एवं वसूली के लिए निर्णित प्रकरणों एवं माननीय उच्च न्यायालय/कर बोर्ड से स्टे शुदा प्रकरणों में भी यह एमेनेस्टी योजना प्रभावी है। माह फरवरी में ब्याज एवं शास्ति में यह छूट 75 प्रतिषत की ही प्रभावी रहेगी।
एमनेस्टी योजना के अन्तर्गत अब तक काफी बड़ी तादाद में प्रदेष में लगभग 2500 प्रकरणों में विभिन्न पक्षकारों ने राषि जमा कराकर लाभ प्राप्त किया है। अतः जो पक्षकार वंचित है वह भी दिनांक 31.01.17 तक राषि जमा कराकर अधिकाधिक लाभ प्राप्त करें। साथ ही यह भी सूचित किया जाता है कि संबंधित उप महानिरीक्षकों द्वारा उप पंजीयक कार्यालयों में कैम्प आयोजित किये जा रहे है एवं जो पक्षकार निर्धारित अवधि में राषि जमा नहीं करायेगें उनकी चल/अचल सम्पत्ति अथवा विक्रित सम्पत्ति अथवा बैंक खाते को चिन्हित किया जा रहा है ताकि उन्हें कुर्क किया जा सके। साथ ही माह फरवरी में ऐसे बाकिदारों की सम्पत्ति को कुर्क करने का अभियान चलाने की तैयारिया की जा रही है।

दस्तावेजों के प्रारूप विभाग की वैबसाईट पर
विभाग में पंजीबद्ध किये जाने वाले दस्तावेजों के प्रारूप विभाग की वैबसाईट पर उपलब्ध हैं। कोई भी व्यक्ति विभागीय वेैबसाईट http://www.rajstamps.gov.in के माध्यम से उक्त प्रारूप प्राप्त करके दस्तावेज स्वयं तैयार कर सकता है अथवा अन्य किसी व्यक्ति से तैयार करवा सकता है। यह कतई आवश्यक नहीं है कि उक्त दस्तावेज नीति पत्र लेखक/पिटीशन राईटर/अधिवक्ता से ही तैयार करवाकर पंजीयन हेतु प्रस्तुत किये जावें। प्रत्येक उप पंजीयक कार्यालय में दस्तावेज के प्रारूप की विभागीय पुस्तिका उपलब्ध है। उक्त पुस्तिका में भी दस्तावेजों के प्रारूप दिये हुए हैं। आमजन संबंधित उप पंजीयक कार्यालय में भी उक्त प्रारूपों को देखकर उनकी फोटो कॉपी कराकर स्वयं के स्तर पर दस्तावेज तैयार करवा सकते हैं।
उप पंजीयक के समक्ष दस्तावेज भी स्वयं पक्षकारों के द्वारा या विधि अनुरूप नियुक्त पावर ऑफ अटॉर्नी होल्डर द्वारा ही प्रस्तुत करने होते हैं। दस्तावेज प्रस्तुतीकरण, निष्पादन, स्वीकार करने की प्रक्रिया व अन्य प्रक्रियाऐं पूर्ण कराने में पक्षकारों के अतिरिक्त दो गवाहों की आवश्यकता होती है, अन्य किसी व्यक्ति की नहीं।

हस्तांतरण दस्तावेजों पर मुद्रांक कर की दर
हस्तांतरण दस्तावेजों पर पूर्व में मुद्रांक कर की दर 11ः थी। फिर उसे घटाकर 6ण्5ः तथा 8ः किया गया। वर्तमान में दिनांक 08.07.2009 से सम्पत्ति के क्रय एवं विक्रय पर महिलाओं एवं विकलांगों के लिए यह दर 4ः एवं पुरूषों के लिए 5ः की गई है। इसके अतिरिक्त हस्तांतरित सम्पत्ति के मूल्य पर 1ः अथवा राशि रूपये 50,000/- दोनों में से जो भी कम हो, पंजीयन शुल्क एवं 200/- रूपये प्रतिलिपि शुल्क देय होता है। इन दरों के आधार पर निर्धारित राशि से कम राशि पर दस्तावेज प्रस्तुत करने पर कमी मालियत के आधार पर कमी मुद्रांक कर एवं पंजीयन शुल्क की राशि संबंधित उप पंजीयक कार्यालय में राजकोष में जमा करवाई जाकर प्राप्ति रसीद जारी की जाती है। इसके अतिरिक्त कोई राशि देय नहीं होती है। उप पंजीयक के समक्ष दस्तावेज केवल क्रेता/विक्रेता/निष्पादक/हितधारी ही प्रस्तुत कर सकते हैं। यथाविधि दस्तावेज पूर्ण करने के दिन ही पंजीयन कर दस्तावेज प्रस्तुतकर्त्ता को लौटाया जाता है। यदि इस संबंध में कोई शिकायत हो तो विभाग के डी.आई.जी./जिला कलक्टर को इसकी शिकायत की जा सकती है। विभाग के फैक्स नं. 0145-2431002 पर भी शिकायत की जा सकती है।
महानिरीक्षक

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