अंतरराष्ट्रीय ऊंट उत्सव 13 व 14 जनवरी को

सांस्कृतिक कार्यक्रम, शोभायात्रा, ऊंट व अग्नि नृत्य, आतिशबाजी सहित होंगे अनेक आकर्षक कार्यक्रम

bikaner samacharबीकानेर, 8 दिसम्बर। जिला प्रशासन एवं पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्त्वावधान में दो दिवसीय ऊंट उत्सव 13 व 14 जनवरी 2018 को डॉ.करणीसिंह स्टेडियम में आयोजित होगा। उत्सव के दौरान लोक संस्कृति से ओतप्रोत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम, हैरिटेज वॉक, शोभायात्रा, अग्निनृत्य व नायाब आतिशबाजी सहित विविध आकर्षक कार्यक्रम होंगे।

जिला कलक्टर अनिल गुप्ता की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलक्टे्रट सभाकक्ष में हुई जिला पर्यटन विकास स्थायी समिति एवं जिला मेला समिति की बैठक में ऊंट उत्सव सहित जिले के मेलों पर चर्चा की गई। जिला कलक्टर ने कहा कि ऊंट उत्सव के दौरान देशी-विदेशी पर्यटकों को मरु प्रदेश की कला, संस्कृति, खान-पान व अन्य समृद्ध परम्पराओं से अधिकाधिक रूबरू करवाया जाए। गुप्ता ने ऊंट उत्सव के दौरान कानून एवं व्यवस्था, चिकित्सा, सफाई, शौचालय, पेयजल आदि के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि देशी-विदेशी सैलानियों को उत्सव में किसी तरह की परेशानी नहीं हो, यह सुनिश्चित किया जाए। विभिन्न विभाग समन्वय रखते हुए ऎसी व्यवस्था करें कि सैलानी सुगमता, सहजता और आनंद के साथ मेले का भरपूर आनंद ले सकें।

पर्यटन विभाग की सहायक निदेशक भारती नैथानी ने बताया कि मेले के प्रथम दिन 13 जनवरी को जूनागढ़ से डॉ.करणी सिंह स्टेडियम तक शोभायात्रा निकालेगी। शोभायात्रा में राजस्थानी कलाकार पारम्परिक वेशभूषा में अपने फन का प्रदर्शन करते हुए चलेंगे, वहीं ऊंटों का लवाजमा, श्रृंगारित ऊंट, ऊंटों की उपयोगिता को दर्शाया जाएगा। सुबह आठ से दस बजे तक रायसर के धोराें में पर्यटक कैमल सफारी का आनंद ले सकेंगे। मेले का विधिवत उद्घाटन डॉ.करणीसिंह स्टेडियम में दोपहर साढ़े बारह बजे होगा। इसके बाद आर्मी व आर.ए.सी. के बैंड का वादन, ऊंट श्रृंगार, ऊंट बाल कतराई, ऊंट नृत्य प्रतियोगिता, मिस मरवण व मिस्टर बीकाणा प्रतियोगिता तथा शाम साढ़े छह बजे से आठ बजे तक रंगारंग राजस्थानी सांस्कृतिक कार्यक्रम होगा।

उत्सव के दूसरे दिन दोपहर बारह बजे डॉ.करणीसिंह स्टेडियम में देशी-विदेशी महिला-पुरुष पर्यटकों की रस्साकशी, ग्रामीण कुश्ती, कबड्डी खेल का प्रदर्शन मैच, विदेशी पर्यटकों की साफा बांधने की, ऊंटनी को दूहने की, महिला मटका, महिला म्यूजिकल चैयर व ऊंट नृत्य की प्रतियोगिता होगी। पारितोषिक वितरण के बाद विभिन्न अंचलों से आए कलाकार प्रस्तुतियां देंगे। जसनाथी सम्प्रदाय के सुप्रसिद्ध अग्नि नृत्य और नायाब आतिशबाजी का आयोजन होगा।

मेले के दौरान रंगोली सजाई जाएगी तथा पुरातत्व व पर्यटन महत्त्व के स्थलों पर रंग बिरंगी रोशनी से सजावट की जाएगी। जूनागढ़ किले के सामने निर्मित कियोस्क में फूड एवं क्राफ्ट बाजार लगाया जाएगा।

मेला प्राधिकरण-

जिला कलक्टर ने कहा कि मेला प्राधिकरण की ओर से बनाई गई आदर्श सुरक्षा योजना के तहत मेला स्थल पर पेयजल, पार्किंग, यातायात नियंत्रण, मेला नियंत्रण कक्ष की स्थापना के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। मेला व पर्यटन स्थलों पर सफाई व वहां बिक्री किए जाने वाली खाद्य सामग्री की गुणवत्ता पर ध्यान दिया जाए। उन्होंने देशनोक के श्री करणीमाता मंदिर के नवरात्रा मेले, बीकानेर के गणगौर व कोलायत, पूनरासर, कोडमदेसर, कतरियासर, बिग्गा, मुकाम, सियाणा आदि स्थानों पर लगने वाले मेलों में मूलभूत सुविधाओं की पुख्ता व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए। ,

बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी और पर्यटन समिति सदस्य मौजूद थे।

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