जिस बात को जैसा सुना या कार्य जैसा किया, उसको वैसा ही कहना यह ही उत्तम सत्य धर्म है

अजमेर 07 सितम्बर – पल्लीवाल दिगम्बर जैन मंदिर पाल बीचला, अजमेर में दस दिवसीय पयूर्षण पर्वराज के उपलक्ष में पाॅंचवे दिन उत्तम सत्य धर्म मनाया गया। इसी क्रम में प्रतिदिन की तरह बड़े उमंग व जोष के साथ मंगलाष्टक, श्रीजी का अभिषेक व शांतिधारा ब्रहमचारणी बहन संगीता दीदी, नेहा दीदी व खुषबु दीदी के सानिध्य में आयोजित कराई गई।
नवकार महिला मण्डल की अध्यक्षा श्रीमती सरिता जैन ने यह जानकारी देते हुए बताया कि जैसे जैसे ‘‘पर्वराज पयूर्षण पर्व’’ के दिन बीतते जा रहे है श्रावक श्रावकियों में उल्लास व उमंग भी बढ़ता जा रहा है। काफी श्रृद्धालुओं ने 10 दिन के उपवास, किसी ने 5 दिन के उपवार कर अपनी आत्मा के कल्याण का मार्ग उपनाया है।
सभा को सम्बोधित करते हुए ‘‘उत्तम सत्य धर्म’’ पर ब्रहमचारणी बहन संगीता दीदी व नेहा दीदी ने कहा कि चार दिनो में हमने चार कषायों क्रेाध, मान, माया व लोभ को चार धर्मो ‘‘उत्तम क्षमा, मार्दव, आर्जव व शौच’’ के द्वारा त्या दिया। आत्मा में से चार कषायों के निकलने के बाद आवष्यक है कि हम अपने वचनों पर ध्यान दे, जो वस्तु जैसी देखी, जिस बात को जैसा सुना या कार्य जैसा किया, उसको वैसा ही कहना यह ही उत्तम सत्य धर्म है। जैन धर्म में ऐसे जो पर को पीड़ा पहंुचाये, निदंनीक, अपमानित करने वाले वचन चाहे सत्य हो, लेकिन उन्हें असत्य माना हैं। संसार में प्रिय वचनों का भंडार भरा है, अपनी भाषा में हम क्यों न शालीन, सभ्य, शुभ और हितकारी बचनों का प्रयोग करें, जिससे सुनने वाले व्यक्ति को संतोष और सात्वना मिले। अतः स्वपर हितकारी वचन कहना ही उत्तम सत्य धर्म को अंगीकार करना है।
इसी क्रम में कल दिनांक 08 सितम्बर रविवार को प्रातः 6ः30 बजे से मंगलाचरण (मंगलाष्टक), 7ः00 बजे श्रीजी का अभिषेक व 7ः15 बजे से विष्व शांति की कामना व समस्त जीवों के कल्याण हेतु ब्रहद् शांतिधारा ब्रहमचारणी बहन संगीता दीदी द्वारा सम्पन्न करवाई जायेगी। तत्पष्चात् संगीतमय नित्य नियम पूजा व दस लक्षण महामंडल विधान किया जायेगा। इसके साथ ही सांय 6ः40 बजे से सामूहिक आरती, प्रवचन व सांस्कृतिक कार्यक्रमों भी पल्लीवाल दिगम्बर जैन मंदिर पाल बीचला में आयोजित किये जायेेगे।

(सरिता जैन)
अध्यक्षा
मो. 9530292776

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