अजमेर, 04 मई। प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत की अभिनव पहल पर आखिरकार अजमेर में फंसे हजारो लोगाें की घर वापसी का रास्ता साफ हो गया है। जिले से लगातार जायरीन, श्रमिकों एवं अन्य व्यक्तियों को विभिन्न साधनों से घर भेजा जा रहा है। दरगाह क्षेत्र में लॉकडाउन के बाद से ही अटके 1186 जायरीन को आज मजदूर एक्सप्रेस विशेष ट्रेन से पश्चिम बंगाल के लिए रवाना किया गया।
जिले के प्रभारी सचिव श्री भवानी सिंह देथा, जिला कलक्टर श्री विश्वमोहन शर्मा तथा पुलिस अधीक्षक श्री कुंवर राष्ट्रदीप पिछले कई दिनों से जायरीन को उनके घरों तक भेजने के प्रयास में लगे हैं। इसके तहत पश्चिम बंगाल के जायरीन की स्पेशल ट्रेन आज प्रातः अजमेर रेलवे स्टेशन से रवाना की गई।
पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से मंजूरी मिलने के साथ ही जिला प्रशासन ने रेलवे के साथ समन्वय कर इन जायरीन को उनके घर भेजने के लिए तैयारियां शुरू कर दी थी। रेलवे द्वारा सोमवार प्रातः 11 बजे ट्रेन चलाने की मंजूरी देने के साथ ही दरगाह क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर रह रहे जायरीन को सूचना देकर तैयार होने के लिए कहा गया।
अजमेर जिला प्रशासन, दरगाह कमेटी, अंजुमन सैयद शेख जादगान, अंजुमन यादगार के प्रतिनिधि लगातार इन जायरीन से संपर्क बनाए हुए थे। इन सभी टीमों ने लगातार जायरीन के खाने पीने एवं अन्य सुविधाओं का ध्यान रखा। आज प्रातः जैसे ही जायरीन को उनके घर लौटने की सूचना दी गई, सभी ने एक स्वर में अजमेर की टीम का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के बावजूद अजमेर में उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।
मजबूर एक्सप्रेस को अजमेर के प्रभारी सचिव भवानी सिंह देथा जिला कलेक्टर विश्व मोहन शर्मा पुलिस अधीक्षक कुंवर राष्ट्रदीप सिंह अजमेर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विजय जैन महासचिव शिव कुमार बंसल पुर्व विधायक डॉ श्री गोपाल बाहेती नगर निगम आयुक्त चिन्मयी गोपाल सहित दरगाह कमेटी के पदाधिकारी सदस्य अंजुमन कमेटी के पदाधिकारियों दरगाह दीवान के प्रतिनिधि एवं खादिमों ने जिला प्रशासन पुलिस विभाग रेलवे प्रशासन चिकित्सा विभाग के आला अफसरों ने करतल ध्वनि से मजदूर एक्सप्रेस को रवाना किया।