
*स्वच्छ भारत स्वस्थ भारत* की दिशा में कदम बढ़ाते हुए भारत सरकार ने देश को *स्वच्छ भारत* का नारा दिया था तथा नीचे के स्तर से नहीं ,बल्कि सरकार में उच्च स्तर यानी प्रधानमंत्री, तथा राज्यों के मुख्यमंत्रियों आदि ने स्वयं सड़कों पर झाड़ू लगाकर आम जनता से अपने आस-पास स्थानों को स्वच्छ रखने देश को स्वच्छ बनाने की अपील की थी।
इस अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए शहरों में तो होता ही है, गांवों की सरकार यानी ग्राम पंचायतों को भी स्वच्छता के लिए राशि जारी की।
खेद है कि, धरातल पर स्वच्छ भारत का असर उल्टा ही हों रहा।कचरा *सड़क और सार्वजनिक स्थानों पर नहीं फेंके इसलिए घर घर से कचरा एकत्रीकरण के लिए नियमित टेम्पो चलाए जा रहे हैं।* गांव – शहर की गलियां स्वच्छ हो रही या नहीं?लेकिन घरों से एकत्रित किए कचरे से *छोटे छोटे गांवों से लेकर शहरों तक कचरों के पहाड़ खड़े हो गए हैं।* जिनसे पर्यावरण दूषित हो कर हवा के माध्यम से लोगों की श्वासो तक पहुंच रहा है। स्वस्थ भारत की जगह कचरे के पहाड़ के आसपास बसी आम जनता के स्वास्थ्य के लिए खतरा ज़रूर पैदा हो गया है।
स्वच्छ भारत अभियान के पहले कई जगहों पर कचरा पैदा होने के चरण में ही निष्पादन भी हो जाता था सब्जियों का हरा कचरा जानवरों के खाने में, कुछ कचरा जलानें में कुछ स्वत: ही गलकर खाद बन जाता था।
मेरा उद्देश्य सरकार की योजनाओं की बुराई करना कतई नहीं है। सरकार ने *कचरा प्रबंधन के तहत कचरे का सदुपयोग कर जनहितकारी योजनाओं का प्रारुप दिया था।* जिसके अंतर्गत।गीला सूखा कचरा सहित पोलीथिन प्लास्टिक ,लोहा आदि अलग-अलग छंटनी करना,*कचरे से वर्मी कम्पोस्ट खाद तैयार करना, प्लास्टिक का सड़क आदि निर्माण सामग्री मे उपयोग शामिल था।*
*लेकिन यह कागज़ी ही साबित हुआ ज्यादातर अधिकारियों ने कचरा निस्तारण पर उचित क़दम नहीं उठाए। जिसके चलते आबादी क्षेत्र में स्वच्छता के तहत गलियों का कचरा अन्य जगह पर पहाड़ों के रूप में जमा होता जा रहा है। और आमजन के स्वास्थ्य के लिए खतरे का कारण बन रहा है।*
*आजादी की वर्षगांठ पर स्वच्छ भारत मिशन को केवल नारे या कागजों तक नहीं रख कर सही अर्थों में सफल बनाने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों सहित आमजन को भी संकल्प लेना चाहिए।*
*देश की आजादी के लिए बलिदान देने वाले शहीदों को यही हमारी ओर से सच्ची श्रद्धांजली होगी।*
*अपना घर स्वच्छ घर के दायरे का विस्तार कर अपनी गली स्वच्छ गली,अपना गांव स्वच्छ गांव,अपना शहर स्वच्छ शहर, अपना देश स्वच्छ देश में तक विस्तार करना होगा।*
*तब ही हकीकत में स्वच्छ और स्वस्थ भारत मिशन को सफल बनाया जा सकेगा।*
*हीरालाल नाहर पत्रकार*,
लेखक व चिंतक
*9929686902*