भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप किया आरक्षण
अजमेर, 13 अक्टूबर। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में भविष्य में भूमि संबंधी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए जिला कलक्टर श्री प्रकाश राजपुरोहित के निर्देशानुसार 128 ग्रामों में राजकीय भवनों एवं कार्यालयों के लिए भूमि आरक्षित की गई है।
जिला कलक्टर श्री प्रकाश राजपुरोहित ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित होने वाले कार्यालयों के भवनों के लिए भूमि आरक्षित करने के सम्बन्ध में साप्ताहिक विडियों कान्फ्रेंसिंग में निर्देश दिए गए थे। स्थानीय प्रशासन द्वारा भविष्य की आवश्यकताओं के लिए भूमि का चिन्हीकरण कर उसे आरक्षित करने की कार्यवाही की गई। अब तक जिले में 128 ग्रामों में राजकीय प्रयोजनार्थ भूमि आरक्षित की गई है।
उन्होंने बताया कि उपखण्ड क्षेत्र भिनाय में देवलिया कलां, राममालिया, केरियाखुर्द, चावण्डिया (पाडलिया), उदयगढखेडा, खेडी (करांटी), भिनाय, सोलखुर्द, हियालिया, कीटाप, कनेईकलां, कनेईखुर्द, बडगांव, रघुनाथगढ़, सिंगावल, बडलाखेड़ा, नागोला, सूरजपुरा, झिपींया, मूण्डियाखेड़ा, कुरथल, कैरोंट, गोपालपुरा तथा टॉडगढ़ में टॉडगढ़, सरवान (बनजारी), सातुखेड़ा, बामनहेड़ा, राणाता भगवानपुरा तथा मालातों की बैर और सरवाड़ में ताजपुरा, शेरगढ़, सातोलाव, लल्लाई, गोयला, टांटोटी, केबानिया, कल्याणपुरा, भगवंतपुरा, डबरेला एवं मनोहरपुरा में भूमि आवंटित की गई है।
उन्होंने बताया कि इसी प्रकार उपखण्ड मसूदा के मसूदा द्वितीय, अमरसिंह का बाडिया, अंधेरी देवरी, कुमपुरा, मोयणा, नन्दवाड़ा, किराप, श्यामगढ़, केसरपुरा, पीपलाज, लाणदी, बस्सी, खरवा तथा देवपुरा, ब्यावर के राजियावास, बागलिया, बाडिया भाऊ, करला, सूरजपुरा, सरवीना, तारागढ़, दांदोला, रामावास, धोलादांता प्रथम, लालपुरा धनार, खाडिया खेडा, बायला, माण्डेडा, अमरपुरा, कालीकांकर, रोहिडा खेडा, बस्सी, अतीतमण्ड, रामसर मोहल्ला, शिवनगरी, सुरडिया, शिवनगर, वीयाखेडा, भांबीपुरा, कलातखेडा, देवाता, मौजा भैरूखेडा, भूरियाखेडा कलां, बाडिया भाऊ, खिरनीखेडा, सराधना, सुहावा, गोपालपुरा, जोहरखेडा, रूपनगर, नाईकलां और नसीराबाद के निजामपुरा, बाघसुरी, बुधपुरा, बनेवडा, जगपुरा, नयागांव (राजगढ़), भीमपुरा, रामसर, मावशिया, देवलिया, सनोद, हनुवंतिया, जसवंतपुरा, रघुनाथपुरा, ब्राह्मणों का बाडिया, साम्प्रोदा, मोराझडी, भटियानी, लवेरा, मोतीपुरा, तिहारी, दिलवाड़ा, दिलवाड़ी, बेवन्जा, कानपुरा, गोदरी, बनेवड़ी एवं हाथीपट्टा में भी राजकीय प्रयोजनार्थ भूमि आरक्षित की गई है।