घटिया सामग्री उपयोग का विरोध करते हुए कांग्रेस के पूर्व सहवृत सदस्य मोड़ सिंह राणावत ने खोला मोर्चा-चिकित्सा मंत्री को की शिकायत–चिकित्सा मंत्री ने दिए ई ओ को ठेकेदार के खिलाफ कार्यवाही के निर्देश
स्थायी ई ओ लगाने या मुख्यालय केकड़ी करने की मांग
केकड़ी 15 दिसंबर(पवन राठी)नगर पालिका केकड़ी द्वारा शहर में लगभग 10 करोड़ के विकास कार्य करवाये जा रहे है इनमे से 7 करोड़ के वर्क आर्डर जारी किए जा चुके है।इन निर्माण कार्यो में घटिया सामग्री के उपयोग सहित लिपापोती की शिकायत
*कांग्रेस नेता राणावत ने चिकित्सा मंत्री सहित उच्चाधिकारियों को की घटिया निर्माण की शिकायत, शहर में चल रहे हैं क
केकड़ी शहर में पिछले दो साल से बंद पड़ा विकास कार्य लंबे इंतजार के बाद शुरू हुआ लेकिन शुरू होने के साथ ही सड़क, नाली निर्माण कार्यों में मिलीभगत, अनियमितता, घटिया निर्माण सामग्री व लीपापोती जैसे गम्भीर आरोप लगने लगे हैं। नगरपालिका में भाजपा बोर्ड का कार्यकाल पूरा होने के बाद पालिका प्रशासन द्वारा आनन फानन में शुरू किए गए शहर के विभिन्न वार्डों में सड़क, नाली-नालों के निर्माण कार्यों पर उंगली उठने लगी है। वर्तमान में करीब 10 करोड़ के कार्य स्वीकृत किये गए हैं जिनमें से 7 करोड़ रुपये के निर्माण कार्य प्रगति पर हैं वहीं करीब ढाई करोड़ रुपये के कार्यों के टेंडर हो चुके हैं, वर्क ऑर्डर मिलते ही ये कार्य भी शुरू हो जाएंगे। कांग्रेस नेता व पूर्व सहवृत सदस्य मोडसिंह राणावत ने क्षेत्रीय विधायक राज्य के चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा सहित स्वायत शासन विभाग के उच्चाधिकारियों व प्रशासनिक अधिकारियों को पत्र लिखकर कुछ निर्माण कार्यों में ठेकेदारों द्वारा घटिया निर्माण सामग्री काम में लेने व सड़क निर्माण के डेढ़ माह बाद ही सड़क उधड़ जाने पर एक ठेकेदार द्वारा लीपापोती कर घटिया निर्माण को छिपाने के लिए लीपापोती जैसे गम्भीर आरोप लगाते हुए शिकायत की है। इससे पहले राणावत यहां अजमेर रोड़ पर स्थित पीर बाबा से डोराई के रास्ते तक नव निर्मित सड़क निर्माण कार्य की भी शिकायत की थी जिसकी जांच के आदेश भी हो गए हैं। इसके बावजूद पालिका की मिलीभगत के चलते ठेकेदारों द्वारा निर्माण कार्यों में घटिया निर्माण सामग्री के उपयोग का नंगा नाच अब भी चल रहा है, जिसे कोई रोकने टोकने वाला नहीं। ठेकेदार अधिकारियों से मिलीभगत कर बेखौफ निर्माण कार्यों में घटिया निर्माण सामग्री का इस्तेमाल कर रहे हैं। पूर्व सहवृत सदस्य राणावत ने स्वायत्त शासन विभाग के निदेशक, संभागीय आयुक्त व जिला कलेक्टर अजमेर को हाल ही में एक शिकायत और की है कि यहां पायलेट स्कूल से ईदगाह होते हुए राणावत चक्की तक सी सी सड़क कार्य में ठेकेदार चौधरी कंस्ट्रक्शन ढसूक ने घटिया निर्माण सामग्री काम में ली जिसके परिणाम स्वरूप वह सड़क डेढ़ माह में ही जगह जगह से उधड़ गई, शिकायत होने पर ठेकेदार ने घटिया निर्माण को छिपाने के लिए उधड़ी हुई सड़क पर केमिकल व सीमेंट के घोल से उसकी मरम्मत कर लीपापोती कर घटिया निर्माण को फिलहाल छिपा दिया है। उन्होंने बताया कि घटिया निर्माण का मामला उजागर होने पर पालिका अधिकारियों ने सड़क से कोर कटिंग कर नमूने लिए हैं लेकिन उनमें भी अनियमितता बरती गई है। कोर कटिंग कर लिए गए नमूनों को सील बंद नहीं किया गया है जिससे पूरी की पूरी जांच प्रक्रिया संदिग्ध नजर आ रही है। राणावत ने पटेल मैदान पर नव निर्मित सड़क व बिना टेंडर के नगरपालिका परिसर में लाखों रुपये की लागत से बनाई गई सड़क व फर्श में भी घटिया निर्माण को छिपाने के लिए केमिकल व सीमेंट के घोल से लीपापोती करने की शिकायत भी की है। पटेल मैदान कॉर्पोरेशन बैंक से कांग्रेस कार्यालय होते हुए एमएलडी स्कूल तक की सड़क के लिए करीब साढ़े सत्ताईस लाख रुपये स्वीकृत हुए थे, लेकिन इस सड़क के निर्माण में करीब 10-12 लाख रुपये ही खर्च हुए बाकी बचे हुए रुपये से पालिका ने बिना किसी टेंडर के नगरपालिका परिसर में सीमेंट सड़क व फर्श का निर्माण उसी ठेकेदार से करवा डाला। यहां सवाल उठता है कि पटेल मैदान की सड़क में जब 10-12 लाख रुपये ही खर्च होने थे तो इस कार्य का तीन गुना अधिक 30 लाख रुपये का टेंडर क्यों जारी किया गया। इससे लगता है कि निर्माण कार्यों की आड़ में पालिका के अधिकारी नियमों के विरुद्ध मनमाने तरीके से पालिका के बजट को ठिकाने लगा रहे हैं जिसमें भ्रष्टाचार की बू आ रही है, जिसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। हालांकि बिना टेंडर पालिका परिसर में कराए गए निर्माण कार्य के बारे में पालिका के जेईएन लेखराम बैरवा का कहना है कि स्वीकृत निर्माण कार्य के बचे हुए रुपयों से वे अन्यत्र काम करवा सकते हैं उसके लिए अलग से टेंडर की आवश्यकता नहीं है। घटिया निर्माण कार्यों की शिकायतों को गम्भीरता से लेते हुए चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा ने पालिका की ईओ को ऐसे ठेकेदारों के खिलाफ कार्यवाही करने व उन्हें भुगतान नहीं करने के निर्देश दिए हैं। राणावत ने चिकित्सा मंत्री डॉ शर्मा से यह मांग भी की है कि ईओ सीता वर्मा पन्द्रह दिनों में भी केकड़ी नहीं आती जिससे आमजन छोटे छोटे कार्यों के लिए भी परेशान होते रहते हैं, जिससे जनाक्रोश बढ़ता जा रहा है। ऐसे में उन्होंने पालिका में स्थाई ईओ लगाने या ईओ का मुख्यालय केकड़ी करने की मांग की है।