
अजमेर जिले में 1606 सरकारी कार्मिकों को खाद्य सुरक्षा योजना की सूची में जोड़कर लाभान्वित किया गया जिसमें से 897 कार्मिकों से 1.11 करोड़ रूपये की वसूली की गई है जबकि 709 कार्मिकों से वसूली अभी तक बकाया है।
यह जानकारी विधायक वासुदेव देवनानी द्वारा विधान सभा में पूछे गये एक तारांकित प्रश्न के जवाब में सरकार ने दी है। देवनानी ने गरीबों को दो वक्त के भोजन हेतु अनाज उपलब्ध कराने वाली सरकार की महत्वपूर्ण योजना में सरकारी कार्मिकों द्वारा नियमविरूद्ध तरीके से अपने नाम जुड़वाकर गरीबों के अनाज पर डाका डालने के मामले को लेकर प्रश्न पूछा था।
देवनानी ने उनको प्राप्त हुए जवाब के हवाले से बताया कि सरकार ने योजना का नियमविरूद्ध लाभ उठाने वाले 1606 कार्मिकों को कारण बताओं नोटिस जारी किये है तथा 897 से वसूली भी की गई है परन्तु उनके विरूद्ध कोई सख्त कार्यवाही अब तक नहीं की है जबकि उनका कृत्य दण्डनीय है। सरकार द्वारा कार्मिकों को वेतन दिया जाता है एसे में उनके द्वारा खाद्य सुरक्षा का अवैध रूप से लाभ उठाना उचित नहीं है।
देवनानी ने बताया कि राज्य सरकार ने जून 2020 के बाद एक भी जरूरतमंद को खाद्य सुरक्षा सूची में नहीं जोडा है जबकि इससे पहले नियमित रूप से गरीब लोगों को खाद्य सुरक्षा सूची में जोडकर अनाज उपलब्ध कराया जाता रहा है। उन्होंने इस सम्बंध में सरकार से मांग की है कि गरीब व पात्र व्यक्तियों को खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ फिर से प्रारम्भ किया जाए।