महारानी अवंती बाई लोधी के बलिदान दिवस पर रक्त दान शिविर आयोजित

नसीराबाद 20 मार्च // क्षत्रिय लोधा समाज और नवयुवक मण्डल के तत्वाधान में लोधी गौरव एवं 1857 की स्वतन्त्रता क्रान्ति की प्रथम महिला स्वतंत्रता सेनानी वीरांगना महारानी अवन्ती बाई लोधी का बलिदान दिवस श्रद्धापूर्वक मनाया गया। महारानी अवन्ती बाई के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित किया गया एवं श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए।

राखी सिंह द्वारा महारानी अवंती बाई लोधी का संक्षिप्त इतिहास बताया। महारानी अवंती बाई लोधी तत्कालीन राज्य रामगढ़ जो कि वर्तमान में मध्यप्रदेश का मंडला जिला है की महारानी थीं पति महाराजा विक्रमाजीत सिंह के धार्मिक प्रवृत्ति के होने के कारण राजकाज में रुचि कम रखते थे किन्तु अंग्रेजों के खिलाफ क्रान्ति का बिगुल बजने के कारण राज्य की बागडोर रानी अवंती बाई ने अपने हाथों में लेकर अंग्रजों से लोहा लिया एवं लम्बा संघर्ष करते हुए बहादुरी से डटकर मुकाबला किया। 20 मार्च 1858 को अपने आपको अंग्रेज सैना से घिरा हुआ देख खुद तलवार भोंक कर देश के लिए बलिदान कर दिया।

इस अवसर पर लोधा समाज द्वारा एक रक्त दान शिविर का भी आयोजन किया गया शिविर में 108 रक्त दाताओं ने रक्त दान किया। इस मौके पर पूर्व विधायक रामनारायण गूर्जर, महेन्द्र सिंह गुर्जर, पवन ढिल्लीवाल योगेश सोनी महेश मेहरा, सतीश पारचे सुशील गदिया नवाब कुरैशी ललित मेहरा महेन्द्र डाबी, एडवोकेट संदीप अग्रवाल आदि कई गणमान्य नागरिकों ने शिरकत की। कार्यक्रम में समाज के अध्यक्ष सीताराम पथरिया, अमरचंद पथरिया, योगेश पथरिया प्रकाश पथरिया, रवि पथरिया अनिल, सोहनलाल टीकमचंद प्रेमचन्द तथा समाज के अन्य गणमान्य लोग तथा नवयुवक उपस्थित थे।

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