
उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के इस संकटकाल में भी नर्सिंग स्टाफ अपनी जान की परवाह किए बिना निष्ठा भाव से पूरे त्याग और समर्पण के साथ अपना दायित्व निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नर्सिंग स्टाफ संक्रमण फैलने के खतरों और आशंकाओं के बीच बिना डिगे हुए मरीजों का इलाज कर रहे हैं, उनकी सेवा कर रहे हैं। मरीजों के साथ उनका व्यवहार भी इतना अच्छा होता है कि कोई भी मरीज नर्सिंग स्टाफ की तारीफ किए बिना नहीं रहता है। देवनानी ने कहा कि वे नर्सिंग कर्मियों के साहस, हिम्मत, हौंसला, त्याग और समर्पण को सेल्यूट करते हैं।
देवनानी ने रामनगर डिस्पेंसरी में 18 नर्सिंग स्टाफ का दुपट्टा ओढ़ाकर और श्रीफल भेंट कर अभिनंदन किया। इसके बाद उन्होंने इसी डिस्पेंसरी के वैक्सीनेशन सेंटर में जाकर वहां पर भी कार्यरत नर्सिंग स्टाफ का अभिनंदन किया।
समस्याएं सुनीं और अधिकारियों से बात की
देवनानी ने रामनगर डिस्पेंसरी पर सामान्य बीमारियों का इलाज कराने, कोरोना जांच कराने और बालिका स्कूल में टीके लगवाने आए लोगों तथा नर्सिंग स्टाफ से बात कर उनकी समस्याएं जानीं, जिनके समाधान के लिए उन्होंने तत्काल जिला कलेक्टर और मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी से बात की। देवनानी ने टीके कम पड़ने की ओर भी अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया, जिस पर सीएमएचओ ने पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन भिजवाने का भरोसा दिलाया। देवनानी के साथ पार्षद प्रतिभा पाराशर, भाजपा के वरिष्ठ नेता सीताराम शर्मा, अरविंद पाराशर, संजय लढ्ढा आदि भी थे।
कोरोना जांच और वैक्सीनेशन की व्यवस्था में हुआ सुधार
देवनानी ने पिछले दिनों शहर के विभिन्न सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण कर कोरोना जांच और वैक्सीनेशन का काम एक ही जगह होने पर नाराजगी जताते हुए जिला कलेक्टर और मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी से दोनों व्यवस्था अलग-अलग स्थान पर करने का आग्रह किया था। उनका कहना था कि दोनों काम एक ही जगह होने से संक्रमण फैलने का खतरा बना रहता है। इस पर जिला प्रशासन और चिकित्सा व स्वास्थ्य विभाग ने कदम उठाते हुए दोनों व्यवस्थाएं अलग-अलग कर दी हैं। बुधवार को रामनगर डिस्पेंसरी को अलाॅट वैक्सीनेशन की व्यवस्था पास ही स्थित राजकीय बालिका सीनियर सैकण्डरी स्कूल में की गई, जहां 45 वर्ष से अधिक आयु के रजिस्टर्ड लोगों को टीके लगाए गए।