बाड़मेर, मई, 2021: भारत की सबसे बड़ी निजी तेल एवं गैस अन्वेषण एवं उत्पादन कंपनी केयर्न ऑइल एंड गैस, वेदांता लिमिटेड ने राजस्थान के ऐश्वरिया बाड़मेर हिल्स में अपनी सुविधा से उत्पादन शुरू कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि अर्जित की है। यह परियोजना केयर्न के टाइट ऑइल पोर्टफोलियो में पहली है, जिसकी वृद्धि की क्षमता कंपनी के लक्षित उत्पादन में 20% योगदान दे सकती है।
इस परियोजना का निष्पादन वैश्विक अग्रणी ऑइलफील्ड्स सर्विसेस कंपनी शलम्बर्गर के साथ मिलकर किया गया है। समूची सतही सुविधा को पूरा करने में 900 दिनों से ज्यादा समय 3 मिलियन से ज्यादा मानव श्रम-घंटे लगे, जिसमें हॉट वर्क, इक्विपमेंट इरेक्शन, हाइड्रो टेस्टिंग, हॉट टैपिंग, कमिशनिंग, इलेक्ट्रिकल सिस्टम चार्जिंग, एक मौजूदा सुविधा के साथ सम्बंध और कुंए जोड़ना जैसी गतिविधियां शामिल थीं। केयर्न के इंजिनियरों के अलावा 600 से ज्यादा ठेकेदारों और 50 कॉन्ट्रैक्टर इंजिनियरों ने इस संयंत्र को पूरा करने में अथक परिश्रम किया।
इस परियोजना के बारे में केयर्न ऑइल एंड गैस, वेदांता लिमिटेड के डिप्टी सीईओ, प्रचुर साह ने कहा कि, “एबीएच टाइट ऑइल प्रोजेक्ट उन्नत टेक्नोलॉजीस के प्रयोग के माध्यम से भारत के ई ऐंड पी सेक्टर की वृद्धि के लिये हमारी प्रतिबद्धता का एक और उदाहरण है। यह भारत की हाइड्रोकार्बन्स में क्षमता का साक्षी भी है, जिससे हम पुराने फील्ड्स से उत्पादन बढ़ाने में सफल रहे हैं। हम ऐसे तरीके खोजते रहेंगे, जिनके द्वारा हम क्रूड ऑइल के घरेलू उत्पादन को बढ़ा सकें और देश को ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनने के मार्ग पर आगे बढ़ा सकें।”
भारत और बांग्लादेश में शलम्बर्गर के मैनेजिंग डायरेक्टर, गौतम रेड्डी ने कहा कि, “शलम्बर्गर भारत के लिये जरूरी तेल और गैस का 50% उत्पादन करने के वेदांता के लक्ष्य की प्राप्ति के लिये ग्रोथ पार्टनर के तौर काम करने के अवसर हेतु वेदांता को धन्यवाद देता है। इस साझेदारी से परिचालन में उत्कृष्टता आई है और सुरक्षा तथा परिचालन की शुद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता के रूप में बरकरार रखा गया है। इसकी कुछ उपलब्धियों में पावरड्राइव* रोटरी स्टीरेबल सिस्टम, आरओपीओ डिजिटल ड्रिलिंग ऑप्टीमाइजर, पेरिस्कोप एचडी* रियल टाइम बाउंड्री मैपिंग सर्विस और ब्रॉडबैण्ड प्रीसिजन इंटीग्रेटेड कम्पलीशन सर्विस जैसी अत्याधुनिक टेक्नोलॉजीस से भारत में सबसे लंबा होरिज़ोंटल लैटरल पूरा करना शामिल है। अच्छी प्लानिंग और उसके निष्पादन, टीमवर्क और मिलकर काम करने के उत्साह से रिजर्वायर कवरेज 30% बढ़ा है और हाइड्रोलिक फ्रैक्चरिंग की परिचालन क्षमता में 700% तक बेहतरी हुई है।”
एबीएच के विकास में उसके परिचालन के लिये सबसे उन्नत टेक्नोलॉजीस में से कुछ का इस्तेमाल हुआ है। यह भारतीय उपमहाद्वीप में 37 कुओं के मल्टी-फ्रैक्चरिंग डेवलपमेंट के कैम्पेन का सबसे बड़ा क्षैतिज कुआँ है, जो टाइट ऑइल निकालने में महत्वपूर्ण है।