लालच बड़े घर का

कोराना के चलते देश में गत वर्ष लाॅक डाउन लगा था। लाॅक डाउन के चलते काम छूट जाने से हिम्मत पूरे परिवार के साथ पैदल ही अहमदाबाद से अपने गांव प्रतापगढ़ की ओर चल पड़ा। हिम्मत के परिवार मे एक बेटा सागर व बेटी गीता भी थी। गीता अपनी मां के साथ अहमदाबाद मे बर्तन चोका का काम करती थी। सागर छोटा था व सरकारी स्कूल में पढ़ाई करने जाता था।
हिम्मत अहमदाबाद में एक कपड़ा मिल मे मजदूरी का कार्य करता था। लाॅक डाउन के बाद गाव आने पर हिम्मत निराश था।
हिम्मत की गांव के पटेल चोधरी साहब से पुरानी जान पहचान थी। पटेल साहब ने हिम्मत के परिवार को खेती कार्य के लिए रख लिया।हिम्मत की पत्नी व बेटी गीता पटेल साहब के घर का काम भी करने लगी ,जिससे हिम्मत के परिवार में लाॅक डाउन मे रोजी रोटी का जुगाड हो गया।
गीता 18 साल की थी, बड़ी बड़ी आंखें मासूम चेहरे के साथ सुंदर लड़की थी। गीता को अपनी सुन्दरता का पूरा ख्याल था। उसका प्रेमी मदन फर्नीचर का कार्य करता था। लाॅक डाउन के चलते वह भी गांव आ गया था। मदन को गांव मे कोई काम नहीं मिला थोड़े दिन रुक वह वापस अहमदाबाद जाने की सोच रहा था। मदन गीता से कभी कभी ही मिल पाता था। लाॅक डाउन मे दिन बीतते गए।
एक दिन पटेल साहब का बेटा अशोक ,जो जोधपुर मे पढाई कर रहा था, लाॅक डाउन से गांव आया हुआ था। अशोक ने गीता को अपनेा बागान में काम करते देख लिया। गीता की बिखरी हुई जुल्फें व कसा हुआ बदन, व सुन्दरता को देख कर अशोक पास गया। बैचेन होकर गीता से दोस्ती का हाथ बढ़ाया। लेकिन बात नहीं बनी। अशोक ने मोका देख कर गीता को मन की बात कही ‘तुम बहुत सुंदर हो, मे तुम्हे पसंद करता हूं, मै तुम से शादी करना चाहता हूं।’
‘छोटे मालिक आप बड़े लोग हो, शहर में पढ़ने वाले हो, आप मुझ जैसी गरीब लड़की से कैसे शादी करोगे,?
गीता ,अभी जमाना बदल गया है। जातपात ,गरीबी, अमीरी सब बराबर है, आजकल कोई छोटा बड़ा नहीं होता। गीता अशोक के झांसे में आ गई। लेकिन उसे यकीन नहीं हो रहा था, कि वह बड़े परिवार की बहू बन सकती है। गीता ने ये बात अपने प्रेमी मदन को बताई। मदन समझ गया की गीता को अब अशोक बाबू शादी का झांसा दे रहा है। मदन ने गीता को समझाया , वह बड़े लोग है, तुझ पांचवीं पास लड़की से कैसे शादी करेंगे। मदन की बात गीता समझ गई।
एक दिन पुन अशोक ने गीता से मुलाकात की और समझाया कि तुम बड़े घर में आ रही हो, तुम्हारी किस्मत चमक रही है, इससे मदन को जलन है।।
गीता अशोक के लालच में आ गई और अपने प्रेमी मदन को भूलने लगी। एक दिन अशोक गीता से रोमांस करने लगा। अशोक ने गीता के बदन को छुआ और गीता अशोक से लिपट गई। दोनों ने लक्ष्मण रेखा को लांघ दिया। फिर दोनो का मिलना बढ़ने लगा। गीता मदन को भूलने लगी। इधर मदन समझ गया कि गीता लालच में फंस रही है। कुछ समय बाद लाॅक डाउन खुल गया। सभी मजदूर वापस शहर की तरफ जाने लगे। मदन अहमदाबाद चला गया। गीता के पिता हिम्मत को भी कपड़ा मिल से फोन आ गया। गीता ने ये बात अशोक को बताई कि हम अहमदाबाद जा रहे है। अशोक ने कहा , मेरी कॉलेज भी चालु हो रही है। तुम अभी पिताजी के साथ जाओ , समय आने पर मै तुमसे शादी कर लूंगा। अशोक ने गीता को बड़े प्यार से समझाया। गीता का परिवार अहमदाबाद चला गया। अशोक ने थोड़े दिन तो जोधपुर से फोन पर बात की। फिर पढ़ाई का बहाना बना कर बात नहीं कर रहा था।
एक दिन मदन ने गीता को फोन कर मिलने के लिए कहा ।
गीता ने हां कर एक पार्क में मिली । गीता से मिलने के बाद मदन पटेल साहब के बेटे अशोक के बारे में बताने लगा कि अशोक की शादी धूम धाम से उनकी जाति की एक पढ़ी लिखी लड़की से हो गई लेकिन गीता को विश्वास नहीं हो रहा। मदन ने अपने मोबाइल से अशोक की शादी के फोटो बताए तो गीता पर मानो दुखों का पहाड़ टूट पड़ा ।
गीता ने मदन से कहा ,अब क्या होगा मेरा,। वो मदन को पकड़ रोने लगी। मदन ने बड़े आत्मविश्वास के साथ गीता को गले लगाया और कहा मै हूं न,, तेरे साथ।
गीता मदन के सामने कुछ बोल नहीं पा रही थी उसे अपने लालच का ऐहसास हो रहा था। रोते हुए गीता मदन के बांहों में सो गई । अब उसे कहने को कुछ नहीं बचा था। मदन के साथ मुंह छिपा कर बैठ गई और गीता फिर से अपने पुराने प्यार मे खो गई।।
•*सच है,लालच किसी भी तरह का नुकसान देह होता है ,चाहे प्यार का हो, व्यापार का हो, घर में संपति का* •

प्रस्तुति
*बी एल सामरा नीलम*
पूर्व शाखा प्रबंधक
भारतीय जीवन बीमा निगम अजमेर

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