सुनो कुछ कहना है ?

अंबिका हेडा
सुनो कुछ कहना है ?
हो वक्त अगर तो कुछ देर बैठो
कहो मुझसे मेरे बारे में
क्यूँकि में ज़िन्दा हूँ 💐

देखी हो कभी मेरी कोई खूबी
तो बताओ में सुन रही हूँ
हुआ हो कभी मेरी बातों से प्यार
तो बताओ में ज़िन्दा हूँ 💐

परखा हो तुमने मुझे किसी कसौटी पर
तो बताओ में पास हुई या फैल हूँ
जाना हो मेरे मन के भावो को अगर
तो बताओ में ज़िन्दा हूँ 💐

करनी हो अगर मन की कोई बात
वक्त है बहुत …. में तैयार हूँ
खोल दो मन में जो है तुम्हारे आज
क्यूँकि में ज़िन्दा हूँ 💐

क्या फ़ायदा जाने के बाद तारीफ़ करने से
बहुत अच्छी थी क्या होगा यह कहने से
सुन ना सकूँगी जाने के बाद ……
तुम्हारे अल्फ़ाज़
क्यूँकि तब में मौन हूँ 🙏

जाने के बाद तुम सहमोगे
माना याद करोगे दिन रात
देख ना पाऊँगी तुम्हारे दिल का हाल
क्यूँकि तब में मौन हूँ 🙏

आँखो में तुम्हारी ढूँढना चाहती
हूँ ख़ुद को
क्यूँकि अभी में ज़िन्दा हूँ 💐

लेखन अम्बिका हेड़ा

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