
मोदी सरकार के सात साल के कार्यकाल को भारत के इतिहास का काला अध्याय बताने संबंधी कांग्रेसियों के बयान को हास्यास्पद बताते हुए देवनानी ने कहा है कि ऐसी बातें वे लोग कर रहे हैं, जिन्होंने शासन करने के नाम पर जनता का शोषण किया। जनता को केवल वोट बैंक समझते हुए उसका दोहन करते रहे। उन्होंने कहा कि मोदी के शासनकाल में देश ने काफी तरक्की की है। विदेशों में भारत का सिर गर्व से ऊंचा उठा है। कोरोना महामारी से निपटने के लिए भारत ने खुद अपनी वैक्सीन बनाई। आज दुनिया के कई बड़े-बडे देश भारत से वैक्सीन मांग रहे हैं। यही नहीं, कांग्रेस के शासनकाल में भारत ने अमेरिका और विश्व बैंक से अरबों रूपए कर्ज लिया था, लेकिन आज अमेेरिका भारत से कर्ज ले रहा है।
जीडीपी बढ़ी, कांग्रेसियों को पता ही नहीं
देवनानी ने कहा कि मोदी के शासनकाल में जीडीपी की विकास दर गिरने की बात करने वाले कांग्रेसियों पर तरस आता है। उन्हें यह ही पता नहीं है कि जीडीपी में पिछले दिनों इजाफा हुआ है। बेरोजगारी बढ़ने की बात पूरी तरह बेमानी है, क्योंकि केंद्र सरकार के अधीन कार्यालयों में काफी भर्तियां निकली हैं। अकेले रेलवे ने हजारों पदों के लिए भर्ती निकाली, जिसमें परीक्षा के एक-एक दौर पूरे हो चुके हैं। शेष परीक्षाएं भी कोरोना महामारी से राहत मिलने पर कराई जाएंगी।
चैपट कानून-व्यवस्था पर भी गौर कर लें
देवनानी ने कहा कि आए दिन मोदी सरकार के कोसने वाले कांग्रेसियों का ध्यान राज्य में अपनी सरकार की तरफ नहीं जाता है। राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चैपट हो गई है। भरतपुर में डाॅक्टर दंपती की गोली मार कर हत्या कर दी गई, तो वहां की सांसद रंजीता कोली पर जानलेवा हमला कर दिया गया। अपराधियों के हौंसले बुलंद हैं और पुलिस लाचार नजर आती है। राज्य में रोजाना कहीं ना कहीं अपराध की बड़ी वारदात घटित होती है। बलात्कार के मामलों में तेजी से इजाफा हुआ है और महिलाएं असुरक्षित महसूस करने लगी हैं।
कोरोना से निपटने में विफल रही कांग्रेस सरकार
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार कोरोना से निपटने में भी पूरी तरह विफल रही है। केंद्र सरकार से भरपूर मदद मिलने के बाद भी उसका पूरा उपयोग आज तक नहीं कर पाई है। केंद्र सरकार द्वारा भेजे गए वेंटीलेटरों का समुचित उपयोग नहीं किया गया। आॅक्सीजन वेंटीलेटर निजी अस्पतालों को किराए पर दे दिए गए, जबकि मरीज इसके अभाव में तड़पते रहे। अस्पतालों में समय रहते उचित प्रबंध नहीं किए जाने से हजारों कोरोना मरीजों को प्राण गंवाने पड़े।
हमने किसानों का हित सोचा, कांग्रेस ने नहीं
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार द्वारा किसानों के हितों के लिए उठाए गए कदम कांग्रेसियों को नजर नहीं आते, क्योंकि वे हर चीज को राजनीति के चश्मे से देखते हैं। मोदी सरकार ने किसानों को खाद पर सब्सिडी बढ़ाई है, जिसकी वजह से 24 सौ रूपए प्रति बोरी मिलने वाली खाद किसानों को 12 सौ रूपए में मिल रही है। किसान सम्मान निधि की करोड़ों रूपए की राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में जमा हो रही है। समर्थन मूल्य भी सीधा किसानों को मिलने लगा है। बिचैलियों को साफ कर दिया गया है। इसलिए किसानों को अब अपनी उपज का सही मूल्य भी मिलने लगा है। जबकि प्रदेश की गहलोत सरकार ने किसानों के हितों के लिए एक भी कदम नहीं उठाया है। उन्होंने कांग्रेसियों को सलाह दी है कि वे आए दिन मोदी सरकार को कोसने में ताकत लगाने की बजाय अपनी सरकार को सुशासन का पाठ पढ़ाएं, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।
कोरोना डोज की बेकद्री, अपनी नाकामी पर पर्दा
डाल रहे हैं चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा-देवनानी
-कचरा पात्रों में वैक्सीन डोज मिलना कांग्रेस सरकार की घोर लापरवाही व बदइंतजामी का नमूना
-चिकित्सा मंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के बयान हास्यास्पद
अजमेर, 1 जून। अजमेर उत्तर विधानसभा क्षेत्र में विधायक वासुदेव देवनानी ने कहा है कि कोरोना वैक्सीन लोगों को लगाए बिना कचरा पात्रों के हवाले करना प्रदेश की कांग्रेस सरकार की घोर लापरवाही और बदइंतजामी का नमूना है। एक ओर तो मुख्यमंत्री, चिकित्सा मंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष वैक्सीन नहीं मिलने का रोना रोते हुए केंद्र सरकार को आए दिन कोस रहे हैं, दूसरी ओर अपने ही राज में वैक्सीन की हो रही बेकद्री पर चुप्पी साधे बैठे हैं।
देवनानी ने मंगलवार को यहां जारी बयान में कहा कि कचरा पात्रों में ढाई हजार डोज भरी 500 वायल पाई गई। इस डोज से हजारों लोगों को वैक्सीन लगाकर उन्हें कोरोना से सुरक्षित किया जा सकता था, लेकिन यह डोज कचरा पात्रों के हवाले करने का सच उजागर होने के बाद भी चिकित्सा मंत्री डाॅ. रघु शर्मा सच्चाई को स्वीकार करने की बजाय अपनी नाकामियों पर पर्दा डालने में लगे हुए हैं। प्रदेश में डोज की बेकद्री होने पर केंद्रीय चिकित्सा व स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. हर्षवर्धन ने डाॅ. शर्मा को पत्र लिखकर इस मामले की जांच कराने को कहा है। इसके बाद भी डाॅ. शर्मा का यह बयान कोरोना महामारी के इस संकटभरे दौर में हास्यास्पद है कि वैक्सीन ना तो कचरे में फेंकी गई और न ही गलत उपयोग हुआ।
डोटासरा पहले अपना राज्य देखें
देवनानी ने कहा कि इससे भी आगे बढ़कर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंदसिंह डोटासरा का बयान पूरी तरह बचकाना लगता है। वे कहते हैं कि अकेले राजस्थान में ही नहीं, सभी राज्यों में कोरोना की डोज खराब हुई है। हमने केंद्र से जितनी वैक्सीन मांगी थी, उतनी मुहैया नहीं कराई गई। देवनानी ने डोटासरा से सवाल किया है कि वे राजस्थान में शासन कर रहे हैं या किसी अन्य राज्य में। उन्हें दूसरे राज्यों की तरफ देखने की बजाय अपने प्रदेश की चिंता करनी चाहिए, क्योंकि दूसरे राज्यों की चिंता करने के लिए वहां की सरकारें हैं। उन्होंने कहा कि डोटासरा यह भी गलतबयानी कर रहे हैं कि केंद्र ने मांग के अनुरूप वैक्सीन नहीं दी। जबकि केंद्र सरकार ने भरपूर मात्रा में वैक्सीन भेजी है, लेकिन प्रदेश सरकार इनका सही उपयोग नहीं कर पाई। ग्रामीणों क्षेत्रों में तो आज भी वैक्सीनेशन का अभाव बना हुआ है। यदि खराब हुई वैक्सीन का उपयोग किया जाता, तो लाखों लोगों को वैक्सीन लगाई जा सकती थी।
मोदी सरकार को कोसने की बजाय अपनी व्यवस्था सुधारें
उन्होंने कहा कि अभी प्रदेश में कोरोना महामारी का असर कम जरूर हुआ है, लेकिन खत्म नहीं हुआ है। बड़ी संख्या में युवाओं और ग्रामीणों का वैक्सीनेशन होना बाकी है। चिकित्सा मंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को केंद्र सरकार को कोसने की बजाय सारा ध्यान कोरोना महामारी से निपटने के लिए इंतजाम करने और ज्यादा से ज्यादा लोगों का वैक्सीनेशन कराने की तरफ देना चाहिए। सरकार को यह भी वैक्सीनेशन पर निगरानी बढ़ानी होगी, ताकि भविष्य में वैक्सीन कचरे में फेंकने की पुनरावृत्ति नहीं हो। उन्होंने कहा कि इस मामले में जांच कराकर वैक्सीन कचरा पात्रों के हवाले करने वालों के खिलाफ कार्यवाही की जानी चाहिए।