पालिका अध्यक्ष की कार्यशैली से कांग्रेसी पार्षदों में नाराजगी

केकड़ी 1 जून(पवन राठी)
वर्षों बाद केकड़ी नगर पालिका में काबिज हुए कांग्रेस पार्टी के बोर्ड के नवनिर्वाचित पार्षदों में पालिकाध्यक्ष की कार्यशैली के खिलाफ रोज का गुबार सोमवार को फूट पड़ा और पालिका में चेयरमैन चेंबर में बैठने की बात को लेकर पैदा हुई है संतोष ने देखते ही देखते गंभीर रूप धारण कर लिया और पार्षदों ने फोन करके डेढ़ दर्जन के करीब पार्षदों को पालिका में बुलवा लिया और सभी ने इकट्ठे होकर पालिका में पार्षदों को बैठने के लिए एक बड़े कमरे की मांग को लेकर लिखित में अधिशासी अधिकारी को पत्र थमा दिया विश्वस्त सूत्रों से ज्ञात हुआ है कि कमरा मांगने का तो बहाना था लेकिन काफी लंबे समय से नवनिर्वाचित पालिका के अध्यक्ष उपाध्यक्ष के निर्वाचन के बाद से ही पार्षदों के एक बड़े धड़े में रोज का गुबार था जो समय-समय पर छुटपुट बातों के रूप में तो सामने आता था लेकिन आज जब पालिकाध्यक्ष के कमरे पर ताला लगा देखकर और कर्मचारी द्वारा पालिकाध्यक्ष की बिना अनुमति के गेट नहीं खोलने की बात पर रोज का गुबार फूट पड़ा विश्वस्त सूत्रों से ज्ञात हुआ है कि कुछ पार्षदों ने बताया कि पालिका बोर्ड की कार्यशैली मैं पालिकाध्यक्ष के पिता की दखलअंदाजी बहुत ज्यादा होती है तथा तीन माह बीत जाने के बाद में भी पालिका में कमेटियों का गठन नहीं हुआ है वह भी होना चाहिए।कांग्रेसी पार्षदों ने पालिका ईओ से पार्षदों के बैठने के लिए अलग कमरा आवंटन की मांग की। इस मौके पर पार्षद नवल दाधीच, आसिफ हुसैन,जितेन्द्र बोयत,राजकुमार खटीक,विनोद आचार्य,नदीम अख्तर,राधाकिशन सोनी,कुन्दन देवतवाल,रामराज शर्मा,हिमांशु चोधरी,रमाकांत दाधीच, विनोद आचार्य, नदीम अख्तर, राधाकिशन सोनी, हिमांशु चौधरी, जितेन्द्र बोयत, आसिफ हुसैन, रामराज खटीक व पार्षद प्रतिनिधि राधेश्याम गोपलान, मोडसिंह राणावत, खुशिराज चौधरी, पंकज दाधीच, शर्फ़राज गौरी, किशनगोपाल परेवा मौजूद थे। इस मामले में पालिकाध्यक्ष कमलेश साहू का कहना है कि मेरे चैम्बर में कई महत्वपूर्ण कागजाद व फाइलें रखी होती है कल भी में मौजूद नहीं था और एक फाइल इधर-उधर हो गई इसलिए मैंने मेरी मौजूदगी में ही चैम्बर खोलने के निर्देश दिए हैं। लेकिन आज जब उन्हें पार्षद का फोन आया तो तुरंत चैम्बर खुलवा दिया। उन्होंने बताया कि पार्षदों के लिए बैठने की उच्चतम व्यवस्था की जा रही है। साहू ने कहा कि पार्षदों में मेरे प्रति कोई असंतोष नहीं है, हम सब एक हैं मेरे लिए सभी पार्षद सम्माननीय हैं। इसी विरोध के बीच पलिकाध्यक्ष व उनके पिता ने नाराज पार्षदों से काफी मान मनुहार की लेकिन नाकाफी रही।
इनका कहना है
———————–

आज निर्वाचित बोर्ड के पार्षदों का शिष्टमंडल मुझसे मिला और उन्होंने लिखित में एक पत्र थमा कर पार्षदों के बैठने के लिए एक कक्ष की मांग की जिस पर विचार-विमर्श कर निर्णय लिया जाएगा इसके अलावा अन्य कोई बात नहीं थी।
भगवतसिंह
अधिशासी अधिकारी

error: Content is protected !!