माटी का खिलौना

मान मेरा कहना तू फिर पछतायेगा,माटी का खिलौना माटी में मिल जायेगा।तु कहता है मात,पिता है मेरे वो ही रामायण गीता है मेरे एक दिन फोटो को माला पहनाएगा।माटी का खिलौना माटी में मिल जाएगा।तू कहता है,पत्नी है मेरी जीवन भर की संगनी है मेरी।एक दिन पत्नी साथ,पत्नी का हाथ छूट जायेगा।माटी का खिलौना माटी में मिल जाएगा।तू कहता है बेटी है मेरी संस्कारों की पेटी है मेरी एक दिन बेटी जमाई ले जायेगा।माटी का खिलोना।माटी मे मिल जाएगा।तू कहता है बेटा है मेरा परिवार सारा समेटा है मेरा एक दिन बेटा पराया हो जायेगा,लालच आ जायेगा।माटी का खिलौना माटी में मिल जाएगा।तू कहता है पोता है मेरा ब्याज मूल से प्यारा है मेरा एक दिन पोता रोता ही रह जाएगा माटी का खिलौना माटी में मिल जाएगा।कर ले धरम तेरे साथ ये ही जायेगा,करजा कर्म तेरा नाम रह जायेगा माटी का खिलौना माटी में मिल जाएगा।

रंजना शास्त्री

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