उत्तर के 36 वार्डों व 7 गांवों में 7 हजार 246 बैग भेदभाव के बिना बांटे जा रहे हैं

-विधायक कोष से राशन सामग्री बांटने का संवैधानिक अधिकार केवल विधायकों को
-रलावता उन क्षेत्रों में जाकर सामग्री बांटने की पड़ताल करें, जहां कांग्रेस विधायक हैं
-रलावता विधायक नहीं हैं, गरीबों को सामग्री बांटना चाहते हैं, तो अपनी जेब से क्यों नहीं
बांटते

अजमेर, 22 जून। देवनानी ने कहा कि अजमेर उत्तर विधानसभा क्षेत्र के अधीन सभी 36 वार्डों और 7 गांवों में बिना किसी पक्षपात और बिना भेदभाव के, सभी जरूरतमंद और गरीबों को राशन सामग्री बांटी जा रही है। इसके लिए उन्होंने 7 हजार 246 बैग तैयार कराए। वार्डों में जरूरतमंदों और गरीबों को चिहिन्त किया गया। इसमें भी यह देखा गया कि वास्तव में कौन जरूरतमंद और बेहद गरीब है, जिनके पास कोरोना महामारी के दौरान लाॅकडाउन लगने के कारण काम-धंधा ठप होने से राशन नहीं है।
इस सामग्री में 5किलो आटा,एक किलो दाल,एक किलो चावल, आधा किलो तेल,100ग्राम मिर्ची,100 ग्राम हल्दी, 100 ग्राम धनिया, व एक किलो नमक सम्मिलित है यह पूरी सामगी्र जिला रसद अधिकारी द्वारा खरीदी है ।
पूर्व शिक्षा मंत्री व विधायक अजमेर उत्तर वासुदेव देवनानी ने गरीबों और जरूरतमंदों को सूखी राशन सामग्री बांटने में लगे पक्षपात के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कांग्रेस नेता महेंद्रसिंह रलावता कहा है कि वे पहले कांग्रेस विधायकों द्वारा बांटी जा रही सामग्री के बारे में पड़ताल करें। उन्होंने कहा कि रलावता के आरोपों में सच्चाई तनिक भी सच्चाई नहीं है, बल्कि बौखलाहट है।
देवनानी ने कहा है कि रलावता मनगढ़ंत आरोप लगाकर वातावरण बिगाड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब-जब विधायक कोष से कोई कार्य होते हैं या सामग्री बांटी जाती है, तो क्षेत्रीय विधायक ही सूची तैयार कराते हैं। ऐसा ही कांग्रेस विधायकों ने भी किया है। क्या यह सब रलावता को नजर नहीं आता है। उन्होंने रलावता को सलाह दी है कि वे उन पर आरोप लगाने से पहले उन क्षेत्रों में जाकर देखें, जहां कांग्रेस के विधायक हैं और कैसे सामग्री का वितरण करप रहे हैं। देवनानी ने कहा कि रलावता चाहते हैं कि उनकी सूची के अनुसार सामग्री बांटी जाए, जो संभव नहीं है, क्योंकि वे विधायक नहीं हैं। यदि वे पराजित प्रत्याशी के तौर पर सामग्री बांटना चाहते हैं, तो या तो अपनी जेब से बांटें या अपनी सरकार से धन लेकर बांटें।
रलावता गरीबों के हितैषी नहीं
देवनानी ने कहा कि रलावता गरीबों के हितैषी नहीं हैं, इसलिए झूठे आरोप लगाकर गरीबों को राशन सामग्री से वंचित करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि राशन सामग्री बांटने का निर्णय राज्य सरकार का है और इसके लिए विधायक कोष से 25-25 लाख रूपए आवंटित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि जब सभी क्षेत्रों में पार्षदों व अन्य लोगों ने जरूरतमंदों के बारे में क्षेत्रीय विधायकों को बताया है, तो अजमेर उत्तर में कांग्रेस पार्षद उन्हें सूची देने के लिए क्यों नहीं आए, जबकि पिछले साल कोरोनाकाल में ही अनेक कांग्रेस पार्षदों द्वारा दी गई सूची के आधार पर जरूरतमंदों को बिना भेदभाव राशन सामग्री बांटी गई थी।

error: Content is protected !!