अजमेर दिनांक 09/11/2021,कोरोना काल के बाद अधिकांश स्कूल संचालित होने लगे हैं किंतु अभी भी कई निजी स्कूल ऐसे हैं जिनमें बस की सुविधा तो है परंतु अभिभावकगण को ही छात्रों को स्कूल छोड़ना व ले जाना पड़ रहा है जिससे अभिभावकों में रोष व्याप्त है। अजमेर जिला कांग्रेस कमेटी सीए प्रकोष्ठ के अध्यक्ष व अजमेर शहर व्यापार महासंघ के प्रवक्ता सीए विकास अग्रवाल ने अभिभावकों की पीड़ा को जिला कलेक्टर को पत्र में लिखकर बताया कि अभिभावकगण रोज-रोज अपने बच्चों को स्कूल से लाने-ले-जाने से काफी परेशान हो गए हैं क्योंकि इससे पेट्रोल की खपत बढ़ने से आर्थिक नुकसान तो हो ही रहा है उनके समय की भी बर्बादी हो रही है। स्कूल छूटने से कुछ देर पहले स्कूल के बाहर धूप में सड़क पर खड़े होकर बच्चो का इंतजार करना अब उन अभिभावकों को भारी पड़ने लगा है जिनके बच्चे स्कूल बस में आते-जाते थे, जिससे उनमें निजी स्कूल संचालकों से खासी नाराजगी है कि स्कूल बस होंने के बावजूद उसका संचालन क्यों नहीं किया जा रहा है। व्यापार महासंघ के प्रवक्ता अग्रवाल ने बताया कि जिलाधीश को लिखे पत्र में स्कूल संचालकों को स्कूल बसें पूर्व की भांति पुनः चालू करने के निर्देश दिए जाएं जिससे अभिभावकों को इस परेशानी से राहत मिल सके।
सीए विकास अग्रवाल
जिलाध्यक्ष, अजमेर शहर जिला कांग्रेस कमेटी, सीए प्रकोष्ठ।
मो. 9829535678
केसर गंज निवासी श्रीमती मीनू अग्रवाल ने बताया कि रोजाना पहले बच्चों का टिफ़िन तैयार करके, उनके साथ तैयार होकर उन्हें स्कूल छोड़ने जाना पड़ता है उसके बाद उन्हें स्कूल से समय पर लाना होता है जिससे काफी समय बेकार हो जाता है और थकान भी हो जाती है जिससे दैनिक कामकाज अत्यधिक प्रभावित हो रहा है। स्कूल संचालको को जल्द से जल्द स्कूल बसें चालू करने से हमें काफी राहत मिलेगी।
मीनू अग्रवाल
रेडीमेड गारमेंट शॉप संचालिका।
मो. 8619683785
वैशाली नगर निवासी सोमेश दुबे का कहना है कि वे दुकान आएं या बच्चों को लाने-ले-जाने के लिए मशक्कत करें। दुकान पर देर से पहुंचने से या अनुपस्थिति से आय प्रभावित होती है तो स्कूल की फीस का भुगतान कैसे करेंगे। उनके मुताबिक स्कूल बस तुरंत चालू कराई जाए। अभिभावकों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है।
सोमेश दुबे
मेडिकल शॉप संचालक
मो. 9414208094