शिविरार्थियों का यज्ञोपवीत संस्कार किया गया

आर्य वीर दल अजमेर द्वारा आयोजित युवा आत्मरक्षा एवं चरित्र निर्माण शिविर के दौरान शिविरार्थियों का यज्ञोपवीत संस्कार किया गया आचार्य कर्मवीर जी ने शिविरार्थियों को यज्ञोपवीत जनेऊ का आर्य संस्कृति में महत्व समझाते हुए कहा कि प्राचीन भारतीय समाज में यज्ञोपवीत का विशेष महत्व था इसे विद्या का चिन्ह माना जाता था यह धारण करने वाले व्यक्ति को यज्ञ करने का अधिकारी माना जाता है उन्होंने बताया कि कई वीरो ने यवनों से यज्ञोपवित की रक्षा हेतु युद्ध किया उन्होंने यज्ञोपवीत को ऐतिहासिक महत्व बताते हुए कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज ने काशी के पंडितों को करोड़ों रुपए दान कर यज्ञोपवित संस्कार करवाया परोपकारिणी सभा के मंत्री मुनि सत्यजीत जी ने शिविरार्थियों को जीवन में योगासन व प्राणायाम के महत्व पर गहराई से प्रकाश डाला शिविर में शिविरार्थियों के बनाए गए वर्गों के मध्य स्वच्छता एवं सुंदरता प्रतियोगिता में शहीद भगत सिंह वर्ग ने प्रथम स्थान प्राप्त किया दिनांक 30 12 2021 को आर्य वीरों द्वारा नशा मुक्त भारत रैली का आयोजन किया जाएगा जिसमें सभी आर्यवीर ऋषि उद्यान से महर्षि दयानंद निर्वाण स्थली भिनाय कोठी आगरा गेट तक रैली निकालेंगे

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