j k gargकोई भी काम को अंजाम देने से पूर्व यह मालुम कर लें कि आपके काम से किसी का अहित तो नहीं होगा | अगर आप के प्रस्तावित कामसे किसी को कष्ट या क्षति हो रही हो तो उस काम को नहीं करें | हर एक व्यक्ति का अभिवादन मुस्करा कर करें | खुद हसें और दूसरों को भी हंसाये लाफ्टर को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाये | अपने चेहरे को प्रफुल्लित और सोम्य बनाये रक्खें | खुद जियें और अन्य को भी सुखमय जीवन जीने दें | अपनी असफलताओं के लिये दूसरों को दोष नहीं दें | जब कभी कोई आपका काम करें या आपकी मदद करें तो उन्हें धन्यवाद जरुर दें | अमावस्या की काली रात के बाद पूर्णिमा की शीतल चांदनी आती है उसी तरह जीवन में दुःख के बाद सुख अवश्य आता है वास्तव में तकलीफ और दुख के समय में ही हमको अपने हितेषी और सच्चे दोस्त की पहचान होती है तथा हमें आत्मचिंतन का भी मौका मिलता है |
डा. जे.के.गर्ग
पूर्व संयुक्त निदेशक कालेज शिक्षा जयपुर