केकड़ी 7 फरवरी (पवन राठी)जड़ जोरू और जमीन की चाह में व्यक्ति कितना नीचे गिर सकता है इसका ज्वलंत उदाहरण क्षेत्र वासियों के सामने मेवादा कला निवासी देवराज की हत्या का है।
जड़ जोरू और जमीन की चाह में देवराज के सगे छोटे भाई मुकेश ने ही कुल्हाड़ी से काटकर उसकी हत्या केवल इस मकसद से की थी कि उसकी सारी संपत्ति का मालिक बन सके और अपनी सगी भाभी को अपनी जोरू(पत्नी)बनाकर ऐसो आराम की जिंदगी बिता सके।
केकड़ी सिटी थानाधिकारी सुधीर कुमार उपाध्याय ने बताया कि संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर मृतक देवराज के सगे छोटे भाई मुकेश को थाने बुलाकर गहन पूंछताछ करने पर वह टूट गया और अपना जुर्म कबूल कर लिया।न्यायालय में पेशकर पुलिस द्वारा मुकेश को रिमांड पर लेकर सबूतों की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास किया तो सामने आया कि मुकेश ने देवराज की हत्या के कुछ दिन पहले एक नई कार लोन पर देवराज के नाम से खरीदी और नॉमिनी में पत्नी की जगह खुद का नाम लिखवाया ताकि हत्या को ब्लाइंड मर्डर मानकर उसका लोन माफ हो जाएगा और नॉमिनी खुद होने के कारण कार उसके नाम हो जाएगी यानी मुकेश ने पूरी साजिश रचकर हत्या कांड को अंजाम दिया लेकिन उसके हसीन सपनो पर केकड़ी सिटी पुलिस ने पानी फेरते हुए उसके सभी मंसूबो को नाकाम कर दिया।इसके साथ ही पुलिस ने अनुसंधान पर पूर्ण विराम लगाते हुए बताया कि हत्या कांड का मुख्य कारण संपत्ति बीमा क्लेम की राशि कार और भाभी के साथ शादी करना बताया है।
पुलिस गिरफ्त में रिमांड पर चल रहे मुकेश को केकड़ी सिटी पुलिस द्वारा रिमांड अवधि खत्म होने पर सोमवार को कोर्ट में पेश किया गया जंहा से अपर मुख्य न्यायाधीश संख्या एक युवराज सिंह ने न्यायायिक अभिरक्षा में भेजने के आदेश पारित किए।