उस कांग्रेस को कोई भी जिंदा नहीं कर सकता है, जो खुद अपने कर्मों से मरी पड़ी हुई है: देवनानी

– कांग्रेस के चिन्तन शिविर देवनानी की प्रतिक्रिया ,गांधी परिवार की चापलूसी, युवाओं की अनदेखी, कांग्रेसियों की आपसी लड़ाई व फूट से बाहर निकले बिना कांग्रेस में जान फूंकने की बात बेमानी
-कभी पूरे देश में राज करने वाली कांग्रेस अब दो राज्यों में सिमटी, अगली बार इनमें से भी हो जाएगा सफाया
-पूरा प्रदेश जंगलराज के हवाले, अपराधियों के हौंसले बुलंद, राजनेताओं की आवाज कुचलने लगी सरकार
-भाजपा नेता देवनानी ने जयपुर में सांसद किरोडीलाल मीणा से की मुलाकात।
-सांसद किरोडीलाल को पुलिस द्वारा जबरन उदयपुर से बाहर किए जाने की घटना पर चर्चा।

अजमेर, 13 मई। पूर्व शिक्षा मंत्री व अजमेर उत्तर के विधायक वासुदेव देवनानी ने कहा है कि उस कांग्रेस को कोई भी जिंदा नहीं कर सकता है, जो खुद अपने कर्मों से मरी पड़ी हुई है। जब गांधी परिवार की चापलूसी, युवा नेताओं की अनदेखी, कांग्रेस नेताओं की आपसी लड़ाई व फूट से कांग्रेसी बाहर नहीं निकलेंगे, तब तक कांग्रेस में जान फूंकने की बात बेमानी लगती है।
उदयपुर में शुक्रवार से शुरू हुए कांग्रेस के चिंतन शिविर पर प्रतिक्रिया देते हुए देवनानी ने कहा कि यह चिंतन शिविर कांग्रेस की स्थिति में सुधार करने के लिए नहीं, बल्कि उसे जिंदा रखने के लिए किया जा रहा है। असली बात तो यह है कि किसी समय देशभर में राज करने वाली पार्टी का वजूद ही अब खतरे में पड़ गया है और वह केवल दो राज्यों राजस्थान व छत्तीसगढ़ में सिमट कर रह गई है।
देवनानी ने कहा कि राजस्थान में पिछले डेढ़ साल से कांग्रेस प्रायः मृत पड़ी हुई है। ना जिला इकाइयां हैं और ना ही मंडल व वार्ड इकाइयां। ऐसे में जब संगठनात्मक ढांचा और नेतृत्व नहीं है, तो कौन ऐसी नेतृत्वहीन पार्टी का साथ देगा। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को चिंतन शिविर के पहले दिन भी सारी चर्चाओं की धुरी गांधी परिवार ही रहा है। ऐसे में राजस्थान ही नहीं, देशभर के कमोबेश सभी कांग्रेस नेताओं ने गांधी परिवार के प्रति भक्ति और चापलूसी दिखाने में कोई कमी नहीं छोड़ी। केवल भाजपा ही एक ऐसी पार्टी है, जिसमें कोई भी लंबे समय तक अध्यक्ष नहीं रहता है और सभी को योग्यता के आधार पर काम करने का मौका मिलता है।
देवनानी ने कहा कि गांधी परिवार की वाहवाही लूटने की खातिर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने चिंतन शिविर को सफल बनाने के लिए पूरी सरकारी मशीनरी को झोंक दिया है। यदि इतनी ताकत बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर लगाम लगाने में लगाई जाती, तो प्रदेश की स्थिति में काफी सुधार हो जाता। उन्होंने कहा कि पूरा प्रदेश जंगलराज के हवाले है। अपराधियों के हौंसले बुलंद हैं। आए दिन डकैती, चोरी, हत्याएं, बलात्कार आदि की घटनाएं हो रही हैं, लेकिन सरकार इनसे निपटने में पूरी तरह विफल साबित हुई है। उन्होंने कहा कि जनता अब कांग्रेस के कुशासन से मुक्ति पाने के लिए छटपटा रही है और अगले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का सफाया करेगी।
देवनानी ने कहा कि एक ओर तो सरकार कानून-व्यवस्था बनाए नहीं रख पा रही है, लेकिन कांग्रेस और सरकार की जनविरोधी नीतियों का विरोध करने वाले राजनेताओं से अपराधियों व आतंकवादियों जैसा बर्ताव कर रही है। उन्होंने कहा कि अपराधी बेखौफ घूम रहे हैं, जबकि जनप्रतिनिधियों की आवाज दबाई जा रही है। कांग्रेस सरकार जनप्रतिनिधियों की आवाज पर अघोषित प्रतिबंध लगा रही है। आमजन की आवाज उठाने के लिए उदयपुर पहुंचे सांसद किरोडीलाल मीणा को बाहर निकालने की घटना इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है।
देवनानी ने शुक्रवार को जयपुर आवास पर मीणा से मुलाकात की। इस दौरान देवनानी ने पुलिस द्वारा मीणा को जबरन उदयपुर से बाहर निकालने की घटना पर खुलकर चर्चा की। मुलाकात के बाद देवनानी ने कहा कि कांग्रेस सरकार की शह पर पुलिस द्वारा एक जनप्रतिनिधि को उदयपुर से बाहर किए जाने की घटना लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा कुठाराघात है, इसकी जितनी निंदा की जाए, उतनी ही कम है। देवनानी ने कहा कि हम सभी मीणा के साथ संघर्ष करने के लिए तैयार हैं। अराजक एवं जंगलराज के खिलाफ भाजपा हर मोर्चे पर संघर्ष करती रहेगी।

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