
देवनानी ने कहा कि कांग्रेस ने वर्षों से रोड, रेल, एयरपोर्ट ,बिजली, गैस, पेट्रोल, माइन, स्टेडियम, गोदाम इत्यादि से जुड़ी योजनाओं के आगे एक परिवार का ठप्पा लगा कर परिवारवाद का खेला खेला है। जबकि इसके विपरीत भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विगत 8 सालों में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का काम किया है। खेल प्रतिभाओं के नाम पर खेल रत्न अवॉर्ड दिए गए हैं। वर्ष 2021 से राष्ट्रीय स्तर पर मेजर ध्यानचंद के नाम पर ‘‘मेजर ध्यानचंद खेल रत्न अवॉर्ड‘‘ देना प्रारंभ किया गया, लेकिन कहीं ना कहीं एक गांधी परिवार की चाटुकारिता करने वाले कांग्रेसियों को यह गले नहीं उतरा। कांग्रेस सरकार की ओर से प्रदेश स्तरीय खेल रत्न अवॉर्ड का नाम राजीव गांधी पर किए जाना इस बात का प्रत्यक्ष उदाहरण है। प्रदेश और देश में ऐसी ऐसी प्रतिभाएं हुई है जिन्होंने अपने दम पर खेल के क्षेत्र में कीर्तिमान स्थापित किए हैं। कांग्रेस सरकार की ओर से प्रदेश की खेल प्रतिभाओं के नाम पर प्रदेश स्तरीय खेल रत्न अवॉर्ड का नामकरण नहीं करना प्रदेश की खेल प्रतिभाओं का अपमान करने के समान है. कांग्रेस सरकार राजीव गांधी की बजाए प्रदेश की खेल प्रतिभाओं के नाम पर अगर इस अवार्ड का नाम रखते तो निश्चित रूप से खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन मिलता लेकिन कांग्रेस सरकार के सहित तमाम कांग्रेस की सोच गांधी परिवार से शुरू होती है और गांधी परिवार तक अंत हो जाती है. उनको गांधी परिवार की चाटुकारिता के अलावा और कोई बात नहीं सूझती है।
देवनानी ने कहा कि गहलोत एक परिवार की चाटुकारिता इसलिए भी कर रहे हैं कि उनको अपनी कुर्सी बचाना है। गहलोत कुर्सी बचाने के लिए सुबह से लेकर शाम तक हर क्षण गांधी परिवार की चाटुकारिता करने में मशगूल है। ऐसा करके गांधी परिवार को तो खुश रख सकते हैं लेकिन प्रदेश की जनता उनके नापाक इरादों को समझ चुकी है। कांग्रेस सरकार का आगामी विधानसभा चुनाव में सूपड़ा साफ होना तय है। खेल प्रतिभाओं का मनोबल तोड़कर और उनका अपमान करके कोई सत्ता सुख नहीं भोग सकता है। कांग्रेस सरकार को इसका परिणाम आगामी विधानसभा चुनाव में निश्चित ही भुगतना होगा।