चेक अनादरन का आरोपी बरी

केकड़ी 31मई (पवन राठी )अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या एक केकड़ी युवराज सिंह ने चेक अनादरण के आरोपी जूनिया निवासी महावीर माली को संदेह का लाभ देते हुए बरी करने के आदेश पारित किये….
प्रकरण इस प्रकार से है जूनिया निवासी अध्यापक भंवर लाल खटीक ने महावीर माली के विरुद्ध परिवाद पेश कर बताया की महावीर ने तीन लाख 35 हजार रुपये उधार लिए और रकम की अदाएगी के लिए एक चेक बैंक ऑफ बड़ोदा जूनिया शाखा का दिया जो बैंक द्वारा अनादरित कर दिया गया…
अभियुक्त के वकील अब्दुल सलीम गौरी ने न्यायालय मे तर्क प्रस्तुत किये की परिवादी द्वारा खाली चेक का उपयोग किया गया साथ ही परिवादी ने पुलिस थाना केकड़ी मे दो लाख 27 हजार बकाया होने एवं एक लाख 8हजार रुपये प्राप्त होने के बयान दिए…… और महावीर का कोई चेक परिवादी के पास नहीं होने का भी बयान दिया……
बयानों और परिवाद मे अत्यधिक वितोधाभास आदि तर्कों से सहमत होते हुए पीठासिन अधिकारी युवराज सिंह ने अभियुक्त महावीर माली को संदेह का लाभ देते हुए पराक्रमय लिखित अधिनियम 1881 की धारा 138 के आरोपों से दोषमुक्त करने के आदेश खुले न्यायालय मे सुनाये…..

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