एंबाइब का हर बच्चे तक शिक्षा पहुंचाने का मिशन, राजस्थान के 65 गांवों के 26 हजार बच्चे जुड़े

दिनांक, 04 जून। राजस्थान के 65 गांवों की ग्राम पंचायत ने भारत के अग्रणी एआई-आधारित पर्सनलाइज्ड लर्निंग प्लेटफॉर्म, एंबाइब (इंडियाविजुअल लर्निंग लि.) के साथ एक दीर्घ-कालिक साझेदारी की है। इस साझेदारी के तहत, इन गांवों के कक्षा 6 से 12 तक के 26, 000 छात्रों को फायदा मिलेगा। इन कक्षाओं के पूरे स्कूली पाठ्यक्रम को हिंदी में उपलब्ध कराया जाएगा। इसमें राजस्थान राज्य बोर्ड का पाठ्यक्रम शामिल है।
इस साझेदारी का उद्देश्य, सबसे बेहतरीन डिजिटल शिक्षा को गांवों के छात्रों तक पहुंचाना है। एक ऐसी शिक्षा जिसमें कक्षा 6 से 10 तक के छात्रों को विज्ञान और गणित जैसे विषयों और कक्षा 11-12 के छात्रों को भौतिकी, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान और गणित के लिए विश्वस्तरीय 3-डी कॉन्टेंट मिलता है। एंबाइब पर छात्र इंजीनियरिंग और मेडिकल की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी कर सकते हैं।
भारतीय स्कूल शिक्षा दुनिया की सबसे बड़ी प्रणालियों में से एक है जिसमें 15 लाख से ज्यादा स्कूल और करीब 26.5 करोड़ विद्यार्थी आते हैं। इसमें प्री-प्राइमरी से लेकर हायर सेकेंडरी और अलग-अलग सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि से आने वाले छात्र शामिल हैं। इनमें से 18.8 करोड़ छात्र यानी 71.13ः और 12.5 लाख स्कूल यानी कुल स्कूल का 83.44ः ग्रामीण भारत में हैं। यह स्कूल और इनमें पढ़ रहे छात्र, कई मुश्किलों का सामना करते हैं जैसे लैब या लाइब्रेरी का न होना, सही करियर मार्गदर्शन का अभाव, अच्छे शिक्षकों का न होना और सीखने के बेहतर साधन न मिल पाना। राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र भी इन्हीं मुश्किलों से दो-चार होते हैं। इस साझेदारी से उनको फायदा पहुंचेगा।
इस साझेदारी के बारे में बात करते हुए जयपुर के खेड़ी गोकुलपुरा गांव के सरपंच रामफूल मीणा ने कहा, “हमारे छात्रों को बेहतर शिक्षा और मार्गदर्शन के लिए दूसरे गांवों और कस्बों का रुख करना पड़ता है। हर कोई इसका खर्च नहीं उठा सकता। इस साझेदारी से हर एक छात्र को फायदा मिलेगा फिर चाहे वो किसी भी सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि से आता हो।”
एंबाइब की संस्थापक और सीईओ अदिति अवस्थी ने इस पर खुशी जताते हुए कहा, “देश के सबसे दूर-दराज हिस्सों में स्थित गांवों के साथ काम करने को लेकर हम काफी उत्साहित हैं। अच्छी शिक्षा हर छात्र का अधिकार है। जब तक हम शिक्षा को सही मायने में लोकतांत्रिक बनाकर हर छात्र की जरूरत को पूरा नहीं करते, हमारा देश अपनी असीम संभावनाओं तक नहीं पहुंच सकेगा।
हाल के महीनों में एंबाइब ने 2,094 ग्राम पंचायतों को अपने साथ जोड़ा है जिसके तहत ऐसे 873 गांव आते हैं जिनमें स्कूल नहीं हैं और छात्रों को पास के गांवों में जाना पड़ता है।
कंपनी के बारे मेंरू एंबाइब, भारत का एक अग्रणी एजुकेशन-टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म है। यह संचालित होता है आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की शक्ति से जिससे हर छात्र को मिल सके सही मायने में पर्सनलाइज्ड लर्निंग यानी जो छात्र की जरूरत के अनुसार खुद को ढाल सके। यह एकमात्र प्लेटफॉर्म है जो शिक्षा तंत्र से जुड़े सभी लोगों जैसे छात्र, अभिभावक, शिक्षक, स्कूल और प्रशासन की जरूरतों को एक जगह पर पूरा करता है। यह विश्वस्तरीय कॉन्टेंट को साथ लाता है जिसे हर स्कूल के पाठ्यक्रम और हर भाषा के साथ जोड़ा गया है। पेटेंट प्राप्त आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, छात्र के सीखने के तरीके, व्यवहार और कौशल को न केवल ट्रैक करती है बल्कि उसमें सुधार भी करती है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि हर छात्र अपनी अधिकतम संभावनाओं तक पहुंच सके। 2013 में लॉन्च होने के बाद एंबाइब को छात्रों की सफलता के लिए एआई के इस्तेमाल को लेकर, वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम के मंच पर शिक्षा के क्षेत्र में ग्लोबल इनोवेटर के तौर पर मान्यता मिली। एंबाइब ने दो सबसे प्रतिष्ठित सम्मान- वेबी पीपल्स च्वाइस अवॉर्ड 2022 में ‘बेस्ट प्लेटफॉर्म इन लर्निंग एंड एजुकेशन’ और गूगल प्ले बेस्ट यूजर्स च्वाइस अवॉर्ड 2021 में ‘बेस्ट एप फॉर पर्सनल ग्रोथ’ भी हासिल किए हैं।
विष्णु अवतार भार्गव
9929097232

error: Content is protected !!