*और पूछताछ पर एतराज क्यों*
-क्या आय से अधिक संपत्ति केवल कांग्रेस नेताओं के पास ही है
-क्या भाजपा के नेता दूध के धुले हुए हैं, उनकी भी संपत्ति का पता लगाया जाए
-कांग्रेस धरना प्रदर्शन कर दबाव की राजनीति क्यों कर रही है
✍️प्रेम आनन्दकर, अजमेर।
👉मैंने यह ब्लॉग कांग्रेस के आला राष्ट्रीय नेता राहुल गांधी की पैरवी करने के मकसद से बिल्कुल नहीं लिखा है। राहुल गांधी से आय से अधिक संपत्ति के मामले में ईडी पूछताछ कर रही है और करनी भी चाहिए, इसमें कोई हर्ज भी नहीं है। राहुल गांधी पूछताछ के लिए ईडी के सामने हाजिर हुए हैं। यह इस देश की खूबी है कि यहां संविधान यानी कानून से बड़ा कोई नहीं है। लेकिन कुछ ऐसे सवाल हैं, जो केंद्र सरकार और भाजपा से जवाब मांगते हैं। पहला सवाल-आखिरी बार ईडी ने किस भाजपा नेता के खिलाफ केस दर्ज किया था या जांच की थी? दूसरा सवाल-दूसरे दलों के जिन नेताओं पर ईडी की जांच जारी थी, उन नेताओं के भाजपा में शामिल होने के बाद जांच का क्या हुआ? तीसरा सवाल-क्या आय से अधिक संपत्ति केवल कांग्रेस या अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं के पास ही है। चौथा सवाल-क्या भाजपा नेता दूध के धुले हुए हैं। प्रेम आनंदकरक्या किसी भी भाजपा नेता के पास आय से अधिक संपत्ति नहीं है। जब कांग्रेस व अन्य दलों के नेताओं के खिलाफ चुन-चुन कर केस दर्ज किए जा रहे हैं, तो फिर भाजपा नेताओं को क्यों बख्शा जा रहा है। क्या यह नहीं लगता है कि केंद्र की भाजपानीत सरकार के इशारे पर राजनीति से प्रेरित होकर इस तरह के केस दर्ज किए जा रहे हैं। राहुल गांधी को पूछताछ के लिए बुलाने पर कांग्रेस को एतराज नहीं होना चाहिए। इसलिए यह सवाल कांग्रेस से भी है कि वह विरोधस्वरूप धरना प्रदर्शन कर दबाव की राजनीति क्यों कर रही है। सवाल यह भी है कि यदि अभी केंद्र में कांग्रेस या अन्य किसी दल की सरकार होती और भाजपा के किसी बड़े नेता के खिलाफ ईडी केस दर्ज उन्हें पूछताछ के लिए बुलाती, तो क्या भाजपा चुप्पी साध कर बैठ जाती। कांग्रेस के धरना प्रदर्शन को महज नाटक बताने वाली भाजपा भी वही करती, जो अभी कांग्रेस कर रही है। फिर कांग्रेस भी वही करती, जो भाजपा कर रही है। केंद्र में चाहे किसी भी दल की सरकार हो, निष्पक्षता से कार्यवाही होनी चाहिए। चाहे कांग्रेस का नेता हो या भाजपा का या अन्य किसी भी दल का नेता हो। यदि किसी भी नेता के पास आय से अधिक संपत्ति है, तो ईडी में उनके खिलाफ केस दर्ज कर उनसे भी पूछताछ करनी चाहिए, क्योंकि कानून सबके लिए समान है।