-देशभर में धरना, प्रदर्शन और घेराव कर कांग्रेस अपना रही है दबाव की नीति
-बौखलाई कांग्रेस के नेता खुद को संविधान से ऊपर मानने लगे हैं
-प्रदेश को लावारिस हालत में छोड़कर कांग्रेस सरकार ने डाला दिल्ली में डेरा

देवनानी ने जारी बयान में कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा राहुल गांधी से कानून सम्मत पूछताछ की जा रही है, जिससे कांग्रेसी बुरी तरह बौखलाए हुए हैं। उन्हें लगता है कि दो हजार करोड़ रूपए का जो घोटाला हुआ है, उसमें राहुल गांधी फंसे हुए हैं और वे कानून के शिकंजे से बच नहीं सकते हैं। इसलिए कांग्रेस द्वारा देशभर में धरना, प्रदर्शन और घेराव कर दबाव की नीति अपनाई जा रही है। इसी क्रम में अजमेर जिले धरना-प्रदर्शन यही जाहिर करता है कि कांग्रेस ये एक नौटंकी जानबूझकर देश में माहौल खराब करने के लिये कर रही है। देवनानी ने कहा कि कांग्रेस पूरे देश में अपने खत्म हो रहे अस्तित्व को देखकर ओछी हरकतों पर उतर आई है। जिस कांग्रेस को एक निष्पक्ष जांच एजेंसी के कामकाज की सराहना करनी चाहिए, वह उसी पर सवाल खड़े कर रही है और उसके काम में बाधा उत्पन्न कर रही है ।
देवनानी ने कहा कि कांग्रेस चाहे कितने ही धरना, प्रदर्शन और घेराव कर ले, लेकिन जिस तरह ईडी द्वारा गहन पूछताछ की जा रही है, उसे देखते हुए राहुल गांधी बच नहीं सकते हैं। देवनानी ने कहा, उन्हें कांग्रेसियों के बौखलाने की वजह समझ नहीं आ रही है। क्या कांग्रेसी खुद को संविधान से ऊपर मानते हैं। इस देश में संविधान सर्वोपरि है और उसका सभी को सम्मान करना चाहिए।
देवनानी ने कांग्रेस नेताओं के इस आरोप को सिरे से खारिज कर दिया कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और भाजपा तानाशाही रवैया अपना रही है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ है और जो भी व्यक्ति भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरा होगा, उसके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी, फिर चाहे वह कितना ही बड़ा व्यक्ति क्यों ना हो। उन्होंने इस आरोप को सरासर झूठा बताया कि भाजपा भ्रष्टाचार में डूबी हुई है। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा, खुद कांग्रेस और उसके कई नेता भ्रष्टाचार में डूबे हुए हैं और अनेक नेताओं के खिलाफ केस भी चल रहे हैं, वह यदि भाजपा को भ्रष्टाचार में डूबा हुआ बताते हैं, तो यह बहुत ही हास्यास्पद है। उन्होंने कहा कि भाजपा पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाने वाली कांग्रेस और उसके नेताओं को पहले अपने गिरेबां में झांक लेना चाहिए।
देवनानी ने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पहले अपने राज्य की चिंता करनी चाहिए, लेकिन उन्हें प्रदेश की बिगड़ती कानून-व्यवस्था से कोई मतलब नहीं है। गहलोत अपनी कुर्सी बचाने और सोनिया गांधी व राहुल गांधी की नजरों में अपनी सीआर बढ़ाने के लिए पिछले कई दिनों से दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं। कांग्रेस सरकार के अनेक मंत्री भी प्रदेश को लावारिस हालत में छोड़कर राहुल गांधी की पैरवी करने दिल्ली चले गए हैं।