सर्ब अकाल म्यूज़िक सोसायटी , कैलगरी , कनाडा की ओर से आयोजित ऑनलाइन म्यूज़िक कॉन्सर्ट में अजमेर के प्रसिद्ध ग़ज़ल गायक नवदीप सिंह झाला ने मनमोहक प्रस्तुतियों से समा बांधा.
सर्ब अकाल म्यूज़िक सोसायटी , कनाडा पिछले 12 वर्षों से भारतीय शास्त्रीय संगीत को बढ़ावा देने और संरक्षित करने का काम कर रही है , नवदीप सिंह की गायन शैली से प्रभावित होकर यह वर्चुअल कार्यक्रम आयोजित किया गया
जिसमें उन्होंने एक से बढ़कर एक ग़ज़लों की प्रस्तुति दी , उन्होंने अपने रंगीले राजस्थान की मिट्टी की सुगंध से भरे मांड गीत ” केसरिया बालम ” से शुरुआत की । इसके बाद ग़ज़लों का दौर शुरू हुआ जिसमें उन्होंने अमीर मीनाई द्वारा लिखी हुई ग़ज़ल ” सरकती जाए है रुख़ से नक़ाब आहिस्ता आहिस्ता , रंजिश ही सही ,शक़ील बदायुनी द्वारा लिखी हुई ग़ज़ल पहले तो आपने दिल की रज़ा , अपनी तस्वीर को आँखों से लगाता क्या है , वाली आसी साहब द्वारा लिखी गयी नज़्म मौसम आएंगे जायेंगें और आख़िर में मातृशक्ति को समर्पित एक ग़ज़ल ” सख़्त राहों में भी आसां सफ़र लगता है , ये मेरी माँ की दुआओं का असर लगता है सुनाकर ख़ूब दाद पाई । गिटार पर अमन जैन और तबले पर प्रसून शर्मा की संगत बाकमाल रही ।
कॉन्सर्ट में सर्ब अकाल म्यूज़िक सोसायटी , कनाडा के संस्थापक और अंतरराष्ट्रीय संचालक श्री हरजीत सिंह भी मौजूद थे उन्होंने नवदीप सिंह झाला की गायकी की सराहना करते हुए कहा कि ग़ज़ल बहुत बड़ा विषय है जिसे यूँ ही तालीम लेकर ही गाया जाना चाहिए और गुरु से सीख कर ही इस क्षेत्र में आने की सोचनी चाहिए । इस मौके पर सोसायटी की मेम्बर डॉ. स्मिता शर्मा भी मौजूद रहीं , कॉन्सर्ट की संचालिका भारती कालिया रही ।
इस कॉन्सर्ट को भारत , अमेरिका , कनाडा आदि देशों में देखा गया