चातुर्मास मंगल प्रवेश

श्री जैन श्वेताम्बर तपागच्छ संघ अंतर्गत आज आषाढ़ शुक्ला त्रयोदशी को आध्यात्म योगी आचार्य विजयकलापूर्ण सूरि समुदायवर्ती मुनि श्री मुक्तीश्वर विजयजी महाराज एवं मुनीश्वर विजयजी महाराज आदि ठाणा का चातुर्मास प्रवेश जुलुस अरिहंत कॉलोनी श्री पूनमचंद करनावट के निवास स्थान से ढ़ोल ढमाका, गाजा-बाजा से घोड़ी पर जैन ध्वज लिये हुए युवान के साथ प्रारम्भ हुआ, भगवान महावीर की जय-जयकार गुरूजी अमरो अन्तर्नाद अमने आपो आशीर्वाद के नारों के साथ प्रारंभ हुआ, वीर लोकाशाह कॉलोनी भगवान वासुपूज्य स्वामी मंदिर में सामुहिक चैत्यवंदन कर पुष्कर रोड़ मुख्य द्वार से कलापूर्ण सूरि आराधना भवन में मंत्रोच्चार से प्रवेश किया जहाँ सिर पर कलश धारण किये श्राविकाओं ने तीन प्रदिक्षणा देकर मुनि भगवंत का बहुमान भाव से स्वागत किया।
तत्पश्चात् धर्म सभा में मुक्तिश्वर विजय महाराज ने अपने उद्बोधन में श्रावक-श्राविका से प्रभु की अष्ट प्रकारी पूजा के साथ सामायिक से समता भाव, चौविसत्थो से 24 तीर्थंकर का गुणगान, गुरू वंदन से विनय, प्रतिक्रमण से कर्म निर्जरा, काउस्सग से एकाग्रता एवं पच्छकारण से स्वयं की इंद्रियों पर नियंत्रण पाने के लिये उपस्थित श्रावक-श्राविका को प्रेरित किया।
मंत्री रिखबचंद सचेती ने मुनि भगवंत के परिचय के साथ कल चौदस से प्रारंभ हो रहे चातुर्मास पर प्रतिदिन जिनवाणी प्रवचन 9.15 से 10.15 बजे होगा, सूचना दी। प्रवेश जुलुस में डॉ. जयचंद बैद-अध्यक्ष, धर्मेश जैन, सुरेशचंद खींवसरा, प्रकाशचंद भंडारी, हरकचंद बोथरा, राजकुमार रांका, विवेक मुणोत, सी.पी.कटारिया एवं बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने भाग लिया।
रिखबचंद सचेती
मंत्री
मो. : 9829156339

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