स्वर-कोकिला और महान थी गायिका,
भारत वर्ष की शान ऐसी वो पुण्यात्मा।
आवाज़ से बनाई जिसने ऐसी पहचान,
ग़वाह है जिसका धरती एवं आसमान।।
स्वभाव से शान्त और प्रतिभा की धनी,
हिंदुस्तान की धड़कन हस्ती थी ख़ास।
मराठी था परिवार लता मंगेशकर नाम,
कॅंठो में जिनके माॅं सरस्वती का वास।।
रंगमंच के कलाकार व गायक थे पिता,
हेमा से बदलकर नाम रख दिया लता।
मराठी फिल्मी संगीत से की शुरूआत,
देश-विदेशों में भी आपकी होती बात।।
ढेरों पुरस्कार आपने किया अपनें नाम,
भारत रत्न और राष्टीय फिल्म अवॉर्ड।
पद्मभूषण पद्मविभूषण महाराष्ट्रभूषण,
सर्वश्रेष्ठ ये दादा साहेब फाल्के अवाॅर्ड।।
तीस हजार से ज्यादा गाने गाए आपने,
बचपन में कई दुःख-कष्ट झेले आपने।
अल्लाह तेरो नाम” और ‘प्रभु तेरो नाम,
ऐ मेरे वतन के लोगों भी गाया आपने।।
सैनिक की कलम ✍️
गणपत लाल उदय अजमेर राजस्थान
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